शुक्रवार को विश्वविद्यालय की जांच समिति ने एसआईटी सूची में शामिल 1021 शिक्षकों का अंकपत्र टेंपर्ड माने हैं। इनमें जिले में कार्यरत 33 शिक्षक भी शामिल हैं। विश्वविद्यालय द्वारा अंकपत्र को टेंपर्ड माने जाने के बाद जिले में तैनात 33 शिक्षकों का सेवा से बाहर होना तय हो गया है। बेसिक शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालय की रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद इन्हें सेवा से बाहर करने की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
बिना वेतन के कर रहे हैं कार्य
एसआईटी सूची में शामिल जिले के 77 में से 73 शिक्षकों को 30 नवंबर 2020 को बीएसए विजय प्रताप सिंह ने एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर सेवा से बाहर कर दिया था। बाद में ये शिक्षक कोर्ट चले गए थे। कोर्ट ने विश्वविद्यालय की रिपोर्ट आने तक इन्हें बिना वेतन के कार्य करने के आदेश दिए थे। 26 फरवरी को फर्जी डिग्रीधारक 40 शिक्षकों को सेवा से बाहर कर दिया गया था। वर्तमान में टेंपर्ड अंकपत्र वाले 33 शिक्षक बिना वेतन के कार्य कर रहे हैं।