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सतर्कता: 10 दिन और संवेदनशील, बुखार का प्रकोप बढ़ने की आशंका, आगरा में अब तक 50 बच्चों की हुई है मौत

Sat, 09 Oct 2021 12:18 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा

सार

ताजनगरी में डेंगू और वायरल बुखार के मरीजों की बढ़ती संख्या पर प्रशासन ने चिंता जाहिर की है। मुख्य विकास अधिकारी ए मनिकन्डन ने बताया कि 10 से 12 दिनों में जलभराव की समस्या कम हो जाएगी। सीएमओ के साथ 15 से अधिक क्षेत्र में सत्यापन से यह स्थिति सामने आई है।
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आगरा: एसएन का डेंगू वार्ड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के ग्रामीण क्षेत्रों में बुखार जानलेवा साबित हो रहा है। 50 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है। आगामी 10 दिन और संवेदनशील हैं। कारण गांव में जगह-जगह जलभराव की समस्या खत्म न होना है। इससे मच्छरों का प्रकोप है। मुख्य विकास अधिकारी ने 15 ब्लॉकों में विशेष सतर्कता बरतने और जलभराव की समस्या के निदान के निर्देश दिए हैं। 

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डेंगू के अभी 20 सक्रिय मरीज
जिले में डेंगू के 20 सक्रिय मरीज हैं। बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जिन्हें न डेंगू है न संक्रमण फिर भी बुखार है। पिनाहट, खंदौली, बिचपुरी और बाह में सबसे ज्यादा बुखार पीड़ित हैं। यहां जगह-जगह जलभराव की समस्या भी है। सीडीओ ए मनिकन्डन ने बताया कि 10 से 12 दिनों में जलभराव की समस्या कम हो जाएगी। सीएमओ के साथ 15 से अधिक क्षेत्र में सत्यापन से यह स्थिति सामने आई है। प्रभावित गांवों में एंटी लार्वा का छिड़काव व जलभराव के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साफ-सफाई में लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई होगी।

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उपाय किए जा रहे
- 24 घंटे निगरानी समितियां संदिग्ध मरीजों पर नजर रखेंगी।
- शिविर लगाकर 100 प्रतिशत ग्रामीणों की डेंगू व अन्य जांचें होंगी।
- प्रभावित गांव में रोस्टर के तहत एंटी लार्वा का छिड़काव होगा।
- जलभराव दूर कराने के लिए पानी की निकासी की जा रही है।
- गांव-गांव में टीमें बनाकर नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था होगी।
 
ये हैं बुखार की वजह 
- बरसात के बाद गांव में जगह-जगह जलभराव है।
- नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी की समस्या है।
- मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से डेंगू हमलावर हो रहा है।
- एंटी लार्वा का छिड़काव वृहद स्तर पर नहीं हो सका।
- निगरानी समितियों की लापरवाही से संदिग्ध बढ़ गए।

ये गांव हैं ज्यादा प्रभावित
गंगाराम, कुकथरी, हुसैनपुरा, मुसेपुरा, अहीरपुरा, भवनपुरा, सहाई, पुरा गुमान सिंह, जैतपुर कला, देवरेठा, नगला मुरली, काकरखेड़ा, बसई भदौरिया, गढ़ी चंद्रमाराम, पीपलखेड़ा, सुरहेरा, ऊंचा, अकबरपुर, सुबेदारपुर, भरतर, बटेश्वर, स्वामी कैलाश, बिचपुरी, खेराड़ा आदि में बुखार व डेंगू मरीज सर्वाधिक मिले हैं।
 
रास्तों पर भरा पानी
बरहन/पिनाहट। गांव खांडा में नालियां कीचड़ व गंदगी से भरी पड़ी हैं। घरों के आगे गंदा पानी भरा है। रास्ते में ही सब्जी मंडी के कारण गंदगी व कीचड़ से नारकीय हालात बनने से ग्रामीणों में रोष है। वहीं पिनाहट के मनोना गांव की गलियों में भी कीचड़ जमा है। इससे मच्छर पनप रहे हैं। 10 से ज्यादा लोग बुखार से पीड़ित हैं। ग्रामीण हरेंद्र सिंह और प्रबल प्रताप ने बताया कि गांव में एक भी बार एंटी लार्वा दवा का छिड़काव नहीं हुआ है।

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