उपाय किए जा रहे
- 24 घंटे निगरानी समितियां संदिग्ध मरीजों पर नजर रखेंगी।
- शिविर लगाकर 100 प्रतिशत ग्रामीणों की डेंगू व अन्य जांचें होंगी।
- प्रभावित गांव में रोस्टर के तहत एंटी लार्वा का छिड़काव होगा।
- जलभराव दूर कराने के लिए पानी की निकासी की जा रही है।
- गांव-गांव में टीमें बनाकर नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था होगी।
ये हैं बुखार की वजह
- बरसात के बाद गांव में जगह-जगह जलभराव है।
- नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी की समस्या है।
- मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से डेंगू हमलावर हो रहा है।
- एंटी लार्वा का छिड़काव वृहद स्तर पर नहीं हो सका।
- निगरानी समितियों की लापरवाही से संदिग्ध बढ़ गए।
ये गांव हैं ज्यादा प्रभावित
गंगाराम, कुकथरी, हुसैनपुरा, मुसेपुरा, अहीरपुरा, भवनपुरा, सहाई, पुरा गुमान सिंह, जैतपुर कला, देवरेठा, नगला मुरली, काकरखेड़ा, बसई भदौरिया, गढ़ी चंद्रमाराम, पीपलखेड़ा, सुरहेरा, ऊंचा, अकबरपुर, सुबेदारपुर, भरतर, बटेश्वर, स्वामी कैलाश, बिचपुरी, खेराड़ा आदि में बुखार व डेंगू मरीज सर्वाधिक मिले हैं।
रास्तों पर भरा पानी
बरहन/पिनाहट। गांव खांडा में नालियां कीचड़ व गंदगी से भरी पड़ी हैं। घरों के आगे गंदा पानी भरा है। रास्ते में ही सब्जी मंडी के कारण गंदगी व कीचड़ से नारकीय हालात बनने से ग्रामीणों में रोष है। वहीं पिनाहट के मनोना गांव की गलियों में भी कीचड़ जमा है। इससे मच्छर पनप रहे हैं। 10 से ज्यादा लोग बुखार से पीड़ित हैं। ग्रामीण हरेंद्र सिंह और प्रबल प्रताप ने बताया कि गांव में एक भी बार एंटी लार्वा दवा का छिड़काव नहीं हुआ है।
ये भी पढ़ें...
आगरा: 10 अक्तूबर को ताजमहल का दीदार करने आ रहे हैं तो जरूर पढ़ें ये खबर