आगरा शू मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन अध्यक्ष उपेंद्र सिंह लवली के मुताबिक सिंथेटिक अपर, पीयू सोल, एडहेसिव और ट्रांसपोर्टेशन की लागत बढ़ गई है। इससे ऑर्डर पूरे करना मुश्किल हो रहा है। जिस समय ऑर्डर लिए थे, उस समय और अब की रॉ मैटरियल की कीमतें 30 फीसदी तक ज्यादा है। आधा माल तैयार हो चुका है, ऐसे में मजबूरी में ऑर्डर पूरे कर रहे हैं। मुनाफा एकदम खत्म हो गया। कोरोना के बाद ऑर्डर तो आने लगे, पर रॉ मैटेरियल की कीमतों ने मुसीबत बढ़ा दी है।
दिवाली पर घर सजाना हुआ 25 फीसदी तक महंगा
पेट्रोलियम पदार्थों की महंगाई का असर घर सजाने पर भी पड़ा है। दरअसल, पेट्रोलियम पदार्थों से ही घर सजाने के लिए डिस्टेंपर्स, इमल्शन, पेंट तैयार किए जाते हैं। इस साल जनवरी से 30 सितंबर के बीच पेंट कंपनियां 7 बार दाम बढ़ा चुकी हैं।
पेंट कारोबारी और आगरा पेंट व्यापार मंडल के अध्यक्ष मुरारी लाल गोयल के मुताबिक 15 साल में जितनी बार रेट बढ़े, उससे ज्यादा एक साल में बढ़ गए। 1000 रुपये तक प्रति बाल्टी पर बढ़ रहे हैं। डिस्टेंपर हो या पीयू या फिर मेलामाइन, तारपीन का तेल, प्राइमर तक के दाम में इजाफा है। बीते साल से ही घर सजाने के लिए पेंट के दामों में 25 फीसदी तक का उछाल आया है। उन्होंने पहली बार इतनी तेजी देखी है।