मुकदमे की तहरीर पर परिजनों ने उठाए सवाल
रविकांत के मामा संतोष गुप्ता ने बताया कि पुलिस ने जिस तहरीर पर मुकदमा लिखा है, वो चंचल ने नहीं लिखी है। चंचल के भाई विवेक ने बल्केश्वर के एक व्यक्ति से तहरीर लिखवाई थी। वह पुलिस के संपर्क में था। पुलिस बार-बार फोन करके तहरीर मंगा रही थी।
इस कारण उक्त व्यक्ति पुलिस के पास तहरीर लेकर पहुंचा। विवेक भी थाने नहीं गया। पुलिस ने उसी तहरीर पर मुकदमा मंगलवार रात को लिख लिया, जबकि तहरीर पर चंचल के हस्ताक्षर और मोबाइल नंबर तक नहीं लिखा था।
बुधवार को उठावनी के बाद चंचल के जेठ लक्ष्मीकांत और विष्णुकांत थाने पहुंचे थे। उन्होंने तहरीर दी थी। मगर, पुलिस ने बताया कि तहरीर पर मुकदमा लिखा जा चुका है। इस पर पुलिस से तहरीर के बारे में सवाल किया, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिल सका।
जिस तहरीर पर मुकदमा लिखा, उसमें तीन नाम थे। हालांकि रविकांत का उत्पीड़न करने में कई और लोग शामिल थे। अब परिजन एसएसपी से मिलेंगे। उनकी तहरीर पर नामों को बढ़ाने की मांग की जाएगी। बिना हस्ताक्षर वाली तहरीर पर पुलिस मुकदमा कैसे दर्ज कर सकती है। यह भी सवाल उठाया जाएगा।
बबलू के परिचितों ने की थी पंचायत
संतोष का कहना है कि रविकांत के रुपयों को लेकर छह महीने पहले एक पंचायत भी बल्केश्वर में की गई थी। इसमें बबलू के परिचित शामिल हुए थे। इसमें लेन-देन को लेकर बात हुई थी। पैसा थोड़ा-थोड़ा करके देना तय हुआ था। मगर, रुपये दिए नहीं गए।