अरुण के परिजनों से बातचीत करते संजय सिंह
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आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने अरुण के परिजनों से मिलने के बाद योगी सरकार पर करारा जुबानी हमला बोला है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में मारो और मुआवजा दो की नीति चल रही है। उन्होंने कहा कि अरुण की मौत के मामले में अदालत की निगरानी में जांच और परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा मिलना चाहिए। कोर्ट की निगरानी में जांच होने से ही न्याय की उम्मीद है। पुलिस कर्मी या जो भी दोषी हैं उन्हें सजा मिलनी चाहिए। उनकी बर्खास्तगी होनी चाहिए। आम आदमी पार्टी इस पूरी लड़ाई में अरुण के परिवार के साथ है। हम इसकी लड़ाई सड़क से संसद तक लड़ेंगे।
दस लाख रुपये का मुआवजा
आगरा जिला मजिस्ट्रेट प्रभु एन सिंह ने बताया कि मृतक के परिजनों के लिए दस लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा सरकार ने की है। परिवार के एक सदस्य के नगर निगम में नौकरी दी जाएगी। पीड़ित परिवार की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है।
जगदीशपुरा थाने में चोरी के आरोपी अरुण नरवार की पुलिस हिरासत में मौत के बाद से ही पुलिस प्रशासन सतर्क रहा। दिनभर सीमाएं सील रहीं। कलक्ट्रेट से लेकर वाल्मीकि वाटिका व बस्तियों में दिनभर पुलिस का पहरा रहा। वहीं, पोस्टमार्टम के बाद शांतिपूर्वक दाह संस्कार कराने पर प्रशासन का जोर रहा। पोस्टमार्टम के बाद प्रशासन ने रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की है। इस संबंध में जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह का कहना है कि मौत की वजह क्या है इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। रिपोर्ट एसएसपी द्वारा कंपाइल कराई जा रही है। इसे बाद में जारी किया जाएगा। अपराह्न सवा तीन बजे पोस्टमार्टम के बाद अरुण का शव प्रशासन ने परिजनों को सौंप दिया। पोस्टमार्टम हाउस से एंबुलेंस में शव लोहामंडी स्थित बस्ती लाया गया। यहां से एडीएम सिटी डॉ. प्रभाकांत अवस्थी, एडीएम प्रोटोकॉल हिमांशु गौतम व एसपी कासगंज रोहन बोत्रे सहित भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में शव यात्रा मल्ल का चबूतरा श्मशान घाट पहुंची। शाम 4:30 बजे दाह संस्कार किया गया।
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