बाह। सावन के पहले सोमवार को बटेश्वर तीर्थ में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। यमुना में आस्था की डुबकी लगाकर ब्रह्मलालजी मंदिर में पूजा-अर्चना की। भोर की बेला में सौरों से कांवड़ में गंगाजल भरकर लाए कांवड़ियों ने हर-हर, बम-बम के जयघोष के साथ भोलेनाथ का अभिषेक किया।
यूं तो बटेश्वर तीर्थ में जर्जर उखड़ी बड़ी सड़क से होकर सैकड़ों कांवड़िये रविवार रात को पहुंच गए थे। कांवड़ियों की भीड़ का दबाव बढ़ने पर आधी रात के बाद ब्रह्मलालजी मंदिर के पट खोल दिए गए। इसके बाद भोर होते ही उन्होंने भोलेनाथ का गंगाजल से अभिषेक किया। सुबह तक चढ़ी कावड़ों की दौर के बीच मंदिर परिसर में बिखरे पड़े कांच के टुकड़ों से कई श्रद्धालुओं के पैर लहूलुहान हो गए। बावजूद इसके कांवड़ियों का जोश और जज्बा देखने लायक था। सोमवार को बटेश्वर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। उफान लेकर बह रही यमुना नदी में शिव मंदिर शृंखला के घाटों पर स्नान और ब्रह्मलालजी मंदिर में पूजा-अर्चना का दौर दिनभर चला। घाटों पर गोताखोरों तैनात रहे लेकिन मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के साथ चेन स्नेचिंग, जेबकटी की कई घटनाएं हुईं। वाहन पार्किंग के नाम पर श्रद्धालुओं से जमकर वसूली की गई। बटेश्वर मेला क्षेत्र में जहां धार्मिक कार्यक्रमों का दौर चला, वहीं शिव मंदिरों में रुद्राभिषेक, महारुद्र आदि अनुष्ठानों के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। साधु-संतों के लिए भंडारे का आयोजन कर श्रद्धालुओं ने खूब दान पुण्य भी कमाया।