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महिला सहित कार को क्रेन से उठा ले गई पुलिय

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महिला सहित कार को क्रेन से उठा ले गई पुलिय - फोटो : अमर उजाला
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एटा। वो हाथ जोड़कर मिन्नतें करती रही। बार-बार पुलिसकर्मियों से बेटे और पति के आने की दुहाई देती रही। महिला के साथ बैठा पौता भी अपने पिता और बाबा को आवाज लगाता रह गया, मगर यातायात पुलिस थी कि उसने अपने आगे किसी की नहीं सुनी। तीन किमी. पुलिस लाइन तक यातायात पुलिस बोलेरो को क्रेन से उठा कर ले आई और बोलेरों में सवार दादी और पौता चीखते चिल्लाते रहे। मानवता को शर्मशार कर देने वाली घटना को देखकर लोग हैरान रह गए। हर कोई ट्रैफिक पुलिस की हरकत को लेकर आक्रोश में देखा गया।

मंगलवार दोपहर को भीषण गर्मी पड़ रही थी। तभी बस स्टैंड पर एक बोलेरों आकर रुकी। अभी बोलेरो स्वामी बच्चों के लिए पानी और खाने का सामान लेने उतरे ही थे कि यातायात पुलिसकर्मी वहां पहुंच गए और बोलेरो को क्रेन से खींचने लगे। इस पर वाहन के अंदर बैठी वृद्ध महिला ने पुलिस कर्मियों से कहा कि बेटा बच्चे के लिए पानी और खाने का सामान लेने के लिए उतरे हैं, थोड़ी देर में आते हैं गाड़ी को मत खींचो। काफी देर तक महिला और बच्चा मिन्नते करते रहे लेकिन ट्रैफिक कर्मियों ने एक न सुनी और बोलेरो को क्रेन से खींचते हुए पुलिस लाइन ले गए।
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पीछे-पीछे दौड़कर पुलिस लाइन पहुंचे बोलेरो स्वामी अहवरन सिंह पुत्र किशोरी लाल ने बताया कि वह मैनपुरी थाना कुरावली के गांव हटऊ के रहने वाला है। वह पुलिस में नौकरी करता है। अपने परिवार के साथ एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए बोलेरो कार से जा रहे थे। बस स्टैंड पर बोलेरों को खड़ा करके बच्चों के लिए पानी और खाने का सामान खरीदने उतर गया था। उसके साथ पिता किशोरीलाल और मामा भी बोलेरो से उतर गए। उसी वक्त यातायात पुलिस क्रेन लेकर मौके पर पहुंच गई।

मौके पर पहुंची पुलिस ने क्रेन लगाकर बोलेरो को ऊपर लटका लिया। जबकि कार में सवार मेरी मां पुलिसकर्मियों के आगे मेरे और मेरे पिता के आने के समय की मोहलत मांगते हुए पुलिस कर्मियों से हाथ जोड़कर निवेदन किया। लेकिन खाकी वर्दी धारी अपनी ठसक दिखाते हुए बोलेरो को पुलिस लाइन ले जाने की जिद पर अडे़ रहे। इतना ही नहीं पुलिस कर्मियों को मेरी मां और मासूम बेटे को की चीख सुनाई नहीं दी। बोलेरों को क्रेन से लटकाया और सीधे पुलिस लाइन ले आए।


हो सकता था बड़ा हादसा :
जिस तरह से यातायात पुलिस ने मानवता को शर्मशार करते हुए बोलेरो को खींचकर पुलिस लाइन में खड़ा किया। इस दौरान बड़ा हादसा भी हो सकता था। बोलेरो का कोई गेट खुल जाता या फिर बच्चा और महिला के साथ कोई अनहोनी भी हो सकती थी।


लोगों में यातायात पुलिस को लेकर आक्रोश :
बोलेरो में सवार दादी पौते को बैठा होने के बाद भी क्रेन से जिस तरह से यातायात पुलिस खींचकर ले गई। उससे बस स्टैंड पर मौजूद लोगों में आक्रोश देखने को मिला। हर कोई पुलिस की हरकत की निंदा करते हुए देखा गया।
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मामला संज्ञान में आया है। इस तरह से पुलिसकर्मियों ने महिला और बच्चे सवार बोलेरों को खींचकर पुलिस लाइन में खड़ा किया। यह गलत है। दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अखिलेश चौरसिया, एसएसपी
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