मैनपुरी। नवोदय छात्रा की कथित मौत व दुष्कर्म के मामले में एक बार फिर डीएनए जांच का सिलसिला मंगलवार से शुरू हो गया है। एसआईटी के आदेश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एसआईटी कैंप कार्यालय से 27 लोगों के सैंपल लेकर डीएनए जांच के लिए भेजे। डीएनए सैंपल के लिए बुलाए गए लोगों से पूछताछ भी की गई।
दो साल पहले जवाहर नवोदय विद्यालय भोगांव में हुई छात्रा की कथित मौत के मामले में बीते 11 दिनों से नवगठित एसआईटी जांच कर रही है। एडीजी कानपुर जोन भानु भास्कर की अध्यक्षता में गठित एसआईटी ने बीते दिनों क्राइम सीन क्रिएट कर गहन छानबीन के साथ ही विद्यालय स्टाफ व छात्रा के करीबियों से पूछताछ की है। मंगलवार को एसआईटी का रुख डीएनए जांच की ओर मुड़ गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एसआईटी के आदेश पर मंगलवार को ट्रांजिस्ट हॉस्टल स्थित कैंप कार्यालय से कुल 27 लोगों के सैंपल लेकर डीएनए जांच के लिए भेजे हैं। स्लाइड रिपोर्ट में मिले मेल स्पर्म की पहचान के लिए डीएनए जांच का सहारा लिया जा रहा है। इससे पूर्व गठित एसआईटी ने भी 115 लोगों की डीएनए जांच कराई थी, लेकिन इसमें कुछ भी हाथ नहीं लगा। वहीं डीएनए जांच के दौरान एसआईटी के सदस्यों ने पूछताछ का सिलसिला भी जारी रखा।
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सीएमओ ने गठित की सात सदस्यीय समिति
डीएनए जांच के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पीपी सिंह की ओर से सात सदस्यीय समिति का गठन किया गया था। इसमें दो चिकित्साधिकारियों के साथ तीन फार्मासिस्ट और दो लैब टेक्नीशियन को शामिल किया गया है। मंगलवार को डीएनए जांच के सैंपल लेने के लिए सात में पांच सदस्य ही पहुंचे।
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कुछ लोगों को पूछताछ के बगैर लौटाया
एसआईटी ने पूछताछ के लिए मंगलवार को छात्रा से जुड़े कई करीबियों को पूछताछ के लिए कैंप कार्यालय बुलाया था। इसके लिए उन्हें नोटिस भेजकर बयान दर्ज कराने के लिए कहा गया था। सुबह क्षेत्रीय पुलिस ने बुलाए गए लोगों के घर जाकर उन्हें कार्यालय पहुंचने के लिए कहा। बाद में डीएनए जांच में समय लगने के कारण कई लोगों को बिना पूछताछ के लिए ही लौटा दिया गया।