मैनपुरी। ऑनलाइन स्थानांतरण प्रक्रिया का लाभ लेकर गृह जनपद पहुंचे शिक्षकों के चेहरे खिले हुए हैं। ऑनलाइन स्थानांतरण प्रक्रिया में जिले से अपने गृह जनपद में जाने के लिए 324 लोगों ने आवेदन किया था। ऑनलाइन आवेदन के बाद जनपद में वरिष्ठता के आधार पर 164 शिक्षकों को उनके गृह जनपद के लिए स्थानांतरित किया गया। वहीं दूसरे जनपदों में दूर नौकरी करने वाले जिले के निवासी 252 शिक्षकों को अपने गृह जनपद में आने का मौका मिला है।
बदायूं से अपने गृह जनपद आए शिक्षक दीपक कुमार ने कहा कि ऑफ लाइन स्थानांतरण में पहले तो तैनाती वाले विकास खंड के खंड शिक्षाधिकारी के चक्कर कटाने होते थे। उसके बाद बीएसए कार्यालय और फिर शासन में। हर जगह भेंट चढ़ानी पड़ती थी। ऑनलाइन स्थानांतरण प्रक्रिया एक दम साफ सुथरी है। यदि आप मानक पूरे करते हैं तो आपको किसी को भेंट चढ़ाने की जरूरत नहीं है।
जनपद शाहजहांपुर से गृह जनपद मैनपुरी पहुंचे शिक्षक राजीव मिश्रा का कहना है कि ऑफलाइन स्थानांतरण प्रक्रिया में विकास खंडस्तर से जनपद स्तर तक साहब की हर रोज हां हजूरी करनी होती थी। ऑनलाइन प्रक्रिया से केवल घर बैठे ऑनलाइन आवेदन किया और काउंसिलिंग में शामिल होकर अपने अभिलेख दिखाए इसके बाद सीधे गृह जनपद में आने का मौका मिला।
ललितपुर से मैनपुरी गृह जनपद पहुंचे शिक्षक जयवीर सिंह का कहना था कि शासन ने ऑनलाइन स्थानांतरण प्रक्रिया लागू कर शिक्षकों को मानसिक रूप से स्वतंत्र किया है। अब प्रत्येक शिक्षक को यह जानकारी है कि उसे गृह जनपद जाने के लिए कौन-कौन से मानक पूरे करने होंगे और उसका वरिष्ठता में कौन सा स्थान है।
अंतर्जनपदीय स्थानांतरण से इटावा से गृह जनपद मैनपुरी पहुंचे शिक्षक लोकेश कुमार का कहना था कि स्थानांतरण प्रक्रिया के लिए शिक्षकों को महीनों तक भागदौड़ करनी पड़ती थी। बिना भागदौड़ के स्थानांतरण नहीं हो पाता था। अब ऑनलाइन प्रक्रिया से बड़ी राहत मिली है।
ऑनलाइन स्थानांतरण के तहत जिले में 252 शिक्षक आए हैं। वहीं 164 शिक्षक जनपद से बाहर गए हैं। शासनादेश के तहत प्रक्रिया पूरी की गई है।
कमल सिंह - बीएसए