कासगंज। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (रेप एवं पॉक्सो एक्ट) गजेंद्र के न्यायालय ने नाबालिग बालिका को अगवा कर दुष्कर्म करने के दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 22 हजार का जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह के अतिरिक्त कठोर कारावास का प्रावधान किया है।
घटनाक्रम के अनुसार बालिका 6 अगस्त 2018 को पढ़ने के लिए विद्यालय गई थी, जब वह घर नहीं पहुंची तो परिजन जानकारी करने स्कूल पहुंचे, लेकिन वह स्कूल में भी नहीं मिली। इस बीच परिजनों को बालिका के सुमित निवासी गेंदूपुरा अमांपुर के साथ बाइक पर जाने की जानकारी मिली तो परिजनों ने आरोपी के खिलाफ कोतवाली में मामला दर्ज करा दिया।
पुलिस ने 19 अगस्त को अमांपुर तिराहा से बालिका को बरामद कर लिया। आरोपी मौके से भाग गया, जिसे पुलिस ने बाद में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने मामले की विवेचना के बाद पत्रावली कोर्ट में पेश कर दी। कोर्ट ने अधिवक्ताओं की बहस एवं पत्रावली पर मौजूद साक्ष्य के आधार पर सुमित को दोषी पाया। शासकीय अधिवक्ता संजीव सिंह यदुवंशी ने बताया कि कोर्ट ने दोषी को धारा 376 के तहत 20 साल के कठोर कारावास की सजा एवं 15 हजार का जुर्माना लगाया है। जबकि धारा 363 के तहत तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा एवं 2 हजार रुपये जुर्माना एवं धारा 366 में सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा एवं 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।