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यूरिया खाद की मनमर्जी वसूले जा रहे रेट, किसान परेशान

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खाद के सैंपल फेल, पांच दुकानों के लाइसेंस निरस्त - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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एटा। तमाम कोशिशों के बावजूद यूरिया खाद की कालाबाजारी नहीं थम रही। खाद विक्रेताओं ने आपस में यूनियन बनाकर किसानों को कीमत से अधिक रेट पर यूरिया बेचना शुरू कर दिया है। इतना ही नहीं किसान संबंधित अधिकारियों के पास भी शिकायत दर्ज करा चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। 299 में मिलने वाली खाद किसान 330 रुपये की खरीद रहे हैं। जिले में दुकानदार जमकर खाद की कालाबाजारी कर रहे हैं लेकिन कोई सुनने वाला नहीं। कालाबाजारी का खेल थोक विक्रेताओं द्वारा शुरू किया गया है। थोक विक्रेताओं द्वारा फुटकर विक्रेताओं को 310 रुपये में यूरिया खाद दी जा रही है। फुटकर विक्रेता किसानों को 330 रुपये में बिक्री करके कालाबाजारी कर रहे हैं। जबकि शासन की ओर से यूरिया 45 किग्रा वजन की बोरी 299 रुपये में निर्धारित की गई है। यही बोरी दुकानदार को करीब 270 रुपये की मिलती है। मगर किसानों को पूरे जिले में ठगा जा रहा है। किसानों को लूटने के लिए खाद के थोक विक्रेताओं ने एक रणनीति के तहत योजना बना ली है।
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रसीद नहीं दे रहे थोक विक्रेता
थोक विक्रेता यूरिया खाद को रिटेलरों को 310 रुपये में बेच रहे हैं। ऐसे में फुटकर विक्रेता से निर्धारित मूल्य पर खाद बिक्री की उम्मीद कैसे की जा सकती है। इतना ही नहीं अगर कोई किसान रसीद मांगता है तो उसे देने से साफ मना कर दिया जाता है। फुटकर विक्रेता 15 से 20 रुपये अधिक वसूल करते हुए 330 रुपये तक खुलेआम खाद बेच रहे हैं।

थोक विक्रेता का वीडियो हो रहा वायरल
मै. एटा फर्टिलाइजर थोक विक्रेता द्वारा फुटकर विक्रेताओं को 310 रुपये में खाद देने का वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें कहा गया है कि थोक विक्रेता धमकी भी देते हैं, अगर 310 रुपये में खरीद नहीं करनी है तो खाद नहीं दी जाएगी। अधिकारियों से शिकायत करनी है तो करो। खाद 310 रुपये मेें ही मिलेगी।
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आंकड़ों पर नजर
280 से 285 रुपये है फुटकर के लिए निर्धारित रेट
जिला कृषि अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार यूरिया खाद को थोक विक्रेता 270 रुपये में खरीदता है, जबकि वह फुटकर विक्रेताओं को 280 से 285 रुपये तक बेचता है। इसके बाद किसानों को 299 रुपये में खाद मुहैया कराई जाती है, जबकि थोक विक्रेता ही फुटकर विक्रेताओं से 310 रुपये वसूल रहे हैं, इसके बाद फुटकर विक्रेता किसानों से 330 रुपये ले रहे हैं। वहीं अधिकारियों का कहना है कि 299 रुपये से अधिक खाद अगर कोई दुकानदार बेचता है तो वह अपराध की श्रेणी में आ रहा है। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

330 रुपये प्रति पैकेट के हिसाब से हम लोग खाद खरीद कर लाए है, जबकि अधिकारी 299 रुपये बता रहे हैं।
बाबूराम, गांव लल्लूखेड़ा
कई बार शिकायत दर्ज कराई है। मगर कोई अधिकारी आज तक मारहरा में जांच करने नहीं आया है।
योगेंद्र सिंह, गहराना
45 किग्रा खाद की बोरी 345 रुपये में खुलेआम बिक रही है। दुकानदार खुलकर कहते हैं कि खरीदनी है तो खरीद लो, नहीं तो समय खराब मत करो।
नरेश कुमार, भुरगवां
कस्बा में खाद 20 से 40 रुपये महंगी बेची जा रही है। हमने खुद 330 रुपये में खरीदी है। शिकायत करने पर अधिकारी खानापूर्ति कर रहे हैं।
नूर आलम, मिरहची
शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जा रही हैं, कई दुकानदारों के लाइसेंस निरस्त किए जा चुके हैं। अभी तक थोक विक्रेताओं के लिखित में शिकायत नहीं मिली है। वीडियो की जांच पड़ताल की जा रही है।
एमपी सिंह, जिला कृषि अधिकारी
सकीट में खाद कालाबाजारी की हुई शिकायत
एटा। कस्बा सकीट में हो रही यूरिया खाद की कालाबाजारी की शिकायत ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम सदर महेंद्र सिंह तंवर से धर्मेंद्र सहाय पुत्र महादेव प्रसाद निवासी मोहल्ला पीपल टोला कस्बा सकीट द्वारा की गई है। शिकायत में 330 रुपये की यूरिया बोरी बिक्री करने आरोप लगाए गए हैं। दुकानदार ने जब शिकायत करने की बात कही तो उसने अभद्रता कर दी।

खाद हुई सस्ती, अब किसानों को 265 में मिलेगी
एटा। योगी सरकार ने यूरिया के दाम अब कम कर दिए हैं। अब प्रदेश भर में किसानों को 45 किग्रा यूरिया की बोरी 265.50 और 50 किग्रा बोरी 295 रुपये में बिक्री की जाएगी। इसका एक पत्र थोक एवं फुटकर उर्वरक विक्रेताओं को जिलाधिकारी आईपी पांडेय की ओर से जारी कर दिया है। अगर निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर कोई भी विक्रेता किसानों को यूरिया बिक्री करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जिला कृषि अधिकारी एमपी सिंह ने बताया है कि 12 जनवरी से सभी उर्वरक विक्रेताओं को नई दर पर यूरिया खाद किसानों को बिक्री करनी होगी। 11 जनवरी की रात 12 बजे से यूरिया की नई दर नई नीति के तहत लागू कर दी गई है।
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