कुंवर चंद वकील से पहले पार्टी के एक और नेता ने टिकट की दावेदारी की थी, लेकिन उन्हें मुख्य धारा से अलग कर दिया गया। इसके बाद ही जोन कार्डिनेटर रह चुके देवेंद्र चिल्लू ने लोकसभा प्रभारी मनोज सोनी के खिलाफ आवाज उठाते हुए खुद ही पार्टी छोड़ दी। बसपा में निष्कासन और पार्टी छोड़ने वालों की हलचल पखवाड़े भर से ज्यादा बढ़ी है।
‘मैने बसपा कार्यकर्ता की हैसियत से केवल टिकट मांगी थी, पर मुझे पार्टी से निकाल दिया गया, जिस पार्टी को मैने बरसों तक सींचा। मेरा दिल दुखाने का काम किया गया है। कार्यकर्ता सब समझ रहे हैं। हर कार्यकर्ता टिकट मांग सकता है। पार्टी से निकालना कोई हल नहीं है’
‘पार्टी अध्यक्ष के संज्ञान में पूरा मामला था। उनके निर्देश पर अनुशासनहीनता करने पर कुंवर चंद वकील को पार्टी से बाहर किया गया है। जो भी अनुशासनहीनता करेगा, वह पार्टी में नहीं रह सकता। जो बात कहनी है, पार्टी फोरम या हमें सीधे बताएं, अनर्गल बयानबाजी न करें’