धर्मगुरुओं की वाणी छात्र-छात्राओं के दिलो-दिमाग पर छा गई। कोरोना टीकाकरण के प्रति विद्यार्थियों को जागरुक करने के लिए स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग ने शिक्षकों व धर्मगुरुओं का सहारा लिया। नतीजा जिले में अब तक 1.50 लाख छात्र-छात्राएं टीकाकरण करा चुके हैं।
कोरोना महामारी के दौरान सबसे अधिक प्रभाव शिक्षा पर पड़ा। लगभग दो साल से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित है। छात्र-छात्राओं को कोरोना से बचाने के लिए शासन ने वैक्सीन उपलब्ध कराई तो जिलेभर के स्कूलों में शिविर लगाकर स्वास्थ्य विभाग ने टीकाकरण कराया। शिक्षक- शिक्षिकाओं ने घर-घर जाकर छात्र-छात्राओं को टीकाकरण के लिए जागरुक किया वहीं धर्म गुरुओं ने गोष्ठियों में प्रेरित किया। नतीजा जिले में 15 से 17 साल के सभी छात्रों का टीकाकरण हो चुका है। 1.50 छात्र-छात्राओं ने जहां पहला डोज लिया है वहीं 75 हजार दोनों डोज ले चुके हैं।
1988 शिविर लगाए गए
कोरोना महामारी बड़ा संकट है। छात्र-छात्राओं पर इसका सबसे अधिक प्रभाव पड़ा है। लगभग दो साल की शिक्षा व्यवस्था प्रभावित है। मैने स्वयं व आश्रमों में शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र-छात्राओं का शिविर लगाकर टीकाकरण करवाया। जिन्होंने अभी तक टीकाकरण नहीं कराया है वे समय से करा लें, जिससे उनकी पढ़ाई में किसी प्रकार की बाधा न आ पाए। -स्वामी हरिहरानंद महाराज, महामंडलेश्वर
कोरोना बीमारी है। इससे बचने के लिए दवा जरूरी है। हमने स्वयं कोरोना टीकाकरण कराया और आश्रम में आने वाले भक्तजनों व छात्र-छात्राओं के टीकाकरण के लिए प्रेरित किया। कोरोना के दौरान आश्रम में प्रवचन को भी बंद रखा गया। जिन छात्र-छात्राओं ने टीकाकरण कराया है वे बधाई के पात्र हैं जिन्होंने अभी तक टीकाकरण नहीं कराया है वे शीघ्र ही करा लें। अमर साहेब, महंत, रज्जो देवी कबीर आश्रम
छात्राओं को कोरोना से बचाव के लिए कॉलेज में 10 बार शिविर लगवाकर टीकाकरण कराया गया। 15 से 17 साल की छात्राओं का शत प्रतिशत टीकाकरण हो चुका है जबकि 12 से 14 साल की छात्राओं के टीकाकरण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जैसे ही स्वास्थ्य विभाग से अनुमति मिलेगी शिविर लगवाकर छात्राओं का टीकाकरण कराया जाएगा।
सुमन यादव, प्रधानाचार्य, जीजीआईसी, मैनपुरी
कॉलेज में छात्राओं के टीकाकरण के लिए आठ बार शिविर लगवाया गया। 15 से 17 साल की लगभग सभी छात्राओं का टीकाकरण कराया जा चुका है। 12 से 14 साल की छात्राओं के टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम का इंतजार किया जा रहा है। जैसे ही टीम की अनुमति मिलती है छात्राओं का टीकाकरण करा दिया जाएगा।
सुलक्षण शर्मा, प्रधानाचार्य, जीजीआईसी मानपुरहरी, बेवर