लखनऊ। राजधानी क्षेत्र के बढ़ते प्रसार को देखते हुए ग्रेटर लखनऊ डवलपमेंट अथॉरिटी बनाने का एक प्रस्ताव जिला प्रभारी मंत्री शिव प्रसाद यादव ने तैयार कर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के समक्ष रखा है। इस प्रस्ताव पर आवास विभाग ने लखनऊ मेट्रोपोलिटिन सिटी की कार्यवाही को तेज करने का आदेश किया है। मेट्रोपोलिटिन सिटी में लखनऊ के बाहरी क्षेत्र के अलावा बाराबंकी के भी दो ब्लॉकों के करीब 40 गांवों को शामिल किया गया है।
पिछले दिनों नगर निगम, एलडीए की बैठक में भी मंत्री ने यह प्रस्ताव रखा। इससे पहले यह पत्र मुख्यमंत्री को भी वे भेज चुके हैं। ग्रेटर एलडीए बनाने की जरूरत को लेकर मंत्री का मानना है कि, राजधानी का प्रसार बहुत तेजी से हो रहा है। जिस भूमि का अर्जन नहीं हुआ है, वहां पर अवैध प्लॉटिंग हो रही है। ऐेसे में शहर के बाहर अनियंत्रित विकास हो रहा है, जो कि बाराबंकी की ओर तक बढ़ रहा है। जबकि, एलडीए इस अवैध शहरीकरण को रोकने में सक्षम नहीं हो पा रहा है। इसलिए जरूरी है कि अलग से एक प्राधिकरण बनाया जाए, जो राजधानी के बाहरी हिस्सों में नियोजित विकास की जिम्मेदारी निभाए। इसलिए अब ग्रेटर नोएडा की तरह ग्रेटर लखनऊ अथॉरिटी बनाए जाने की बहुत जरूरत है।
197 प्लस 40 गांव साथ आएंगे
जिला पंचायत की जद के 197 गांव और उसके बाहर बाराबंकी ब्लॉक के 40 गांवों को साथ लेकर लखनऊ मेट्रोपोलिटिन एरिया की प्लानिंग लंबे समय से तैयार की जा रही है, लेकिन इसको अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका है। मंत्री के इस पत्र के बाद प्राधिकरण की ओर से इस कवायद में और तेजी आने की संभावना है। इसके साथ ही बाराबंकी के गांवों को लखनऊ एरिया में लेने को लेकर चल रही कश्मकश भी खत्म होने की उम्मीद बढ़ गई है। प्राधिकरण के सूत्रों का कहना है कि आवास विभाग नई अथॉरिटी के गठन को लेकर खासा गंभीर है। बहुत जल्द ही इस दिशा में कुछ बड़े कदम उठाए जा सकते हैं।