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राहत को उठे हजारों हाथ, प्रार्थनाओं का दौर जारी

Fri, 28 Jun 2013 05:30 AM IST
Lucknow
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लखनऊ। उत्तराखंड पीड़ितों की मदद के लिए शहरवासियों का जज्बा देखते ही बन रहा है। कंबल, कपड़े, रसद व राशि दान करने वालों की फहरिस्त लगातार बढ़ती जा रही है। सरकारी व गैर सरकारी संस्थाएं भी पीड़ितों की मदद के लिए हरसंभव सामग्री एकत्रित करने में जुटी है। वहीं, जल प्रलय में फंसे लोगों की सलामती के लिए शहर में प्रार्थनाओं का दौर भी जारी है। ऑल इंडिया तंजीम अहले सुन्नत की बैठक बृहस्पतिवार को हुई, जिसमें आपदा पीड़ितों की मदद के लिए राहत सामग्री उत्तराखंड भेजे जाने पर निर्णय लिया गया है। साईं कृपा सोशल वेलफेयर सोसाइटी ने त्रासदी में जान गंवा चुके लोगों की आत्मा की शांति के लिए हवन किया गया। स्वास्तिक महिला एवं जनकल्याण समिति की सदस्याओं ने जरूरतमंदों को आर्थिक मदद के लिए 2100 रुपये की धनराशि दी। संस्था की सचिव शालिनी श्रीवास्तव ने बताया कि राहत सामग्री भी जुटाई जा रही है। बख्शी का तालाब स्थित आरआर इंस्टीट्यूट ऑफ मॉर्डन टेक्नोलॉजी के 62 शिक्षकों ने 500-500 रुपये तथा प्रबंधन ने 51,000 रुपये राहत कोष के लिए दिए हैं। कॉलेज से कुल 82,000 रुपये आर्थिक मदद के लिए जुटाए गए हैं। वहीं, ईश्वर मानव एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी ने मौन रखकर लोगों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। संस्था के सचिव आनंद मणि जुगरान ने बताया कि राहत सामग्री जुटाकर संस्था उत्तराखंड भेजेगी। राहत सामग्री जुटाने में संस्था अध्यक्ष आशा शर्मा के अलावा जेटीए ताइक्वांडो के खिलाड़ियों ने भी सहयोग किया। दारूल उलूम फरंगी महल के शिक्षकों और कर्मचारियों ने भी आपदा पीड़ितों की मदद के लिए एक दिन का वेतन देने की घोषणा की है। बैठक की अध्यक्षता नाजिम मौलाना खालिद रशीद ने की।
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उधर, गोमती नगर जनकल्याण महासमिति के मीडिया प्रभारी राजेश ने बताया कि उत्तराखंड पीड़ितों की मदद के लिए महिला महासमिति के साथ एक कवि सम्मेलन का आयोजन 30 जून को किया जा रहा है। इसके लिए जयपुरिया स्कूल ने निशुल्क ऑडिटोरियम उपलब्ध कराया है। इसमें आने वाले कवि भी पारिश्रमिक नहीं लेेंगे। कवि सम्मेलन से जुटने वाली धनराशि राहत कोष में दी जाएगी। अधिवक्ता सहायता प्रकोष्ठ ने राहत कार्य में भारतीय सेना के साहसिक कार्य की सराहना की है। इसके लिए एक बैठक का आयोजन भी किया गया। इसमें बार काउंसिल के सदस्य अनिल प्रताप सिंह, सहायता प्रकोष्ठ के अध्यक्ष नरेंद्र तिवारी, संस्था के कार्यवाहक अध्यक्ष अमरनाथ मिश्रा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मृणाल चक्रवर्ती मौजूद रहे।
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