लखनऊ। चैनल फीस को लेकर मल्टी सिस्टम ऑपरेटर (एमएसओ) और लोकल ऑपरेटरों के बीच गहराया विवाद केबल टीवी उपभोक्ताओं के लिए परेशानी बन सकता है। प्रमुख एमएसओ ने महीनों से चैनल फीस चुकाए बिना प्रसारण कर रहे करीब चार दर्जन ऑपरेटरों को सिग्नल देने से हाथ खड़े कर दिए हैं। इससे हजारों केबल टीवी उपभोक्ताओं का प्रसारण रुक सकता है।
यह विवाद प्रति कनेक्शन की दर से मासिक चैनल फीस का है, जो डिजिटलाइजेशन के बाद शुरू हुआ। राजधानी के प्रमुख एमएसओ एवं ब्रॉडकास्टर डेन एन्ज्वाय ने ऑपरेटरों से टैक्स सहित प्रति कनेक्शन 61.80 रुपये की मांग की है। इस फीस को ज्यादा बताते हुए कई ऑपरेटरों ने विरोध में मोर्चा खोल रखा है और चार दर्जन ऑपरेटरों ने कई माह से चैनल फीस नहीं दी है पर प्रसारण कर रहे हैं। एमएसओ की नोटिस के बावजूद उन्होंने लाखों रुपये का बकाया भी नहीं चुकाया है। अब एमएसओ ने प्रसारण रोकने के संबंध में ब्रॉडकास्टर (डेन कंपनी) के दिल्ली स्थित हेड ऑफिस सूचना भेजी है। डेन एन्ज्वाय के स्थानीय निदेशक उमेश्वर सिंह के मुताबिक प्रसारण मंत्रालय से चैनल फीस तय होने के बावजूद लोकल ऑपरेटर उसे नहीं मान रहे हैं। ऐसे में प्रसारण चालू रखना मुश्किल हो रहा है। इस बावत मनोरंजन कर व प्रशासन के अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है।
दरअसल, यह विवाद अभी तक प्रशासन के ‘इकबाल’ के चलते दबा था। गत माह चौक इलाके में प्रसारण बंद होने पर उत्तर प्रदेश केबल ऑपरेटर हितैषी संघ ने एमएसओ के कंट्रोल रूम से लेकर थाना-कोतवाली तक हंगामा किया था। इसकेबाद मनोरंजन कर के प्रभारी एडीएम (ट्रांसगोमती) उमेश मिश्र ने चेतावनी जारी की कि प्रसारण बंद होने के चलते स्थिति बिगड़ती है तो उसकी एमएसओ की जिम्मेदारी होगी। इससे साथ उन्होंने एमएसओ व ऑपरेटरों को जल्द विवाद सुलझाने की सलाह भी दी थी। इस बारे में ऑपरेटर हितैषी संघ के महामंत्री अचल मेहरोत्रा कहते हैं कि चैनल शुल्क ऑपरेटरों से बातचीत के आधार पर ही तय होगा। मनमानी दर पर चैनल फीस का भुगतान नहीं किया जाएगा।