फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिजली चोरी में फंसा आधा गांव, कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन

Wed, 12 Jun 2013 05:30 AM IST
Lucknow
विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ। गांव के कच्चे मकान में कभी बल्ब की रोशनी तक नहीं हुई। अंधेरा होते ही हर शाम लालटेन ही जगमगाती है। पंखे की हवा में चैन के दो पल गुजारना तो उनके लिए कोरी कल्पना जैसा ही है। इन हालात में गुजर बसर करने वाले खड़ौहा के दर्जनों ग्रामीणों के लिए बिजली मुसीबत बन गई है। विभाग ने सामूहिक रूप से चार दर्जन से अधिक ग्रामीणों पर बिजली चोरी की कार्रवाई की है। चार-चार हजार रुपए शमन शुल्क देने के बाद भी उन्हें छुटकारा नहीं मिल पाया। अब किसी को समायोजन में 20 हजार रुपए चुकाने होंगे तो किसी को 40 हजार देने पड़ सकते हैं। भुगतान न करने पर जेल की हवा खानी पड़ सकती है।
विज्ञापन

कई ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कभी बिजली का इस्तेमाल ही नहीं किया। चुनाव की रंजिश में उन्हें जानबूझकर कटिया लगाकर चोरी के आरोप में फंसाया गया है। इस मामले में जांच व कार्रवाई की मांग को लेकर मलिहाबाद इलाके के खड़ौहा गांव के दर्जनों निवासियों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। ग्रामीणों की शिकायत पर एडीएम (प्रशासन) देवेंद्र कुमार पांडेय ने जांच कराकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। डीएम से फरियाद आए खड़ौहा निवासी केशनलाल, राम अवतार, चंद्रा, गुड्डू, सोहन, राजेश कुमार, सुबोध कुमार, सियाराम आदि का कहना है कि बिजली विभाग की कोई भी टीम उनके गांव में जांच करने नहीं गई। केवल चुनावी रंजिश के चलते फर्जी शिकायत पर उनके नाम कटिया लगाकर बिजली चोरी में दर्ज कर दिए गए। उसी के आधार पर सेस द्वितीय खंड के अभियंता ने शमन शुल्क वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी। राम अवतार ने बताया कि शमन शुल्क न देने पर एफआईआर दर्ज होने के डर से दूसरे ग्रामीणों की तरफ उन्होंने भी चार हजार रुपए जमा करा दिए। बिजली अधिकारियों ने बताया कि अभी समायोजन की कार्रवाई के तहत 20 हजार से अधिक रुपए चुकाने पड़ेंगे। दूसरी तरफ बिजली अधिकारी अपनी कार्रवाई सही बता रहे हैं। उनका कहना है कि कटिया लगाकर बिजली चोरी करने वालों से शमन शुल्क लिया गया।
कुछ लोगों की कटिया बनी सबकी परेशानी
खड़ौहा निवासी गुड्डू, कन्हई आदि की परेशानी का कारण गांव के कुछ लोगों को विभागीय कर्मचारियों द्वारा उपलब्ध कराई गई कटिया सुविधा है। ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव के कई लोगों के यहां लाइनमैन ने कटिया लगवा रखी थी। उसके एवज में लाइनमैन हर माह 50 से 100 रुपए लेता था। लेकिन जब कटिया लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बारी आई तो वह बच गए और बिजली इस्तेमाल न करने वाले लपेटे में आ गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें