लखनऊ (ब्यूरो)। वजीरगंज कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार आधी रात के बाद चार-पांच हमलावरों ने परिवहन निगम की अनुबंधित बस के एक ड्राइवर को जिंदा जलाने की कोशिश की। इस घटना में ड्राइवर तो बच गया, लेकिन बस जलकर राख हो गई। पुलिस का मानना है कि गांव की पुरानी रंजिश में ड्राइवर पर यह हमला हुआ है।
कैसरबाग बस अड्डे के प्रबंधक एसके गुप्ता ने बताया कि अनुबंधित बस (यूपी 34-1920) का ड्राइवर मोहम्मद सलीम (38) सीतापुर जिले के अहमदाबाद बिसवा का रहने वाला है। वह मंगलवार को बस के भीतर सो रहा था। रात करीब तीन बजे चार-पांच हमलावरों ने बस में घुसकर उसके हाथ-पैर बांध दिए। इसके बाद बस में पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी और भाग गए। हमलावरों ने ड्राइवर के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया था, जिससे वह चिल्ला भी नहीं सका। जब आग फैलने लगी तो सलीम खिसक-खिसक कर बस के पीछे पहुंचा और शीशा तोड़ने की कोशिश करने लगा। शीशा तोड़ने की आवाज सुनकर पास की बस में सो रहे दूसरे ड्राइवर की आंख खुली तो नजारा देखकर वह सन्न रह गया। उसने चिल्लाकर अन्य साथियों को बुलाया। इसके बाद आनन-फानन में शीशा तोड़कर सलीम को बाहर निकाला गया। इस दौरान सलीम को चोट भी आ गई। सूचना पर दमकल व वजीरगंज पुलिस ने पहुंचकर आग बुझाई। हालांकि इससे पहले बस के भीतर का हिस्सा व सीटें पूरी तरह राख हो गई। सलीम को बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के बाद उसे छुट्टी दे दी गई। सूचना पर बस मालिक बिसवा निवासी राम नरेश गुप्ता मौके पर पहुंचे। गुप्ता की बस अनुबंधित रूप से लखनऊ-बिसवा के बीच चलती है। बस रात को बिसवा से आई थी और नाइट हाल्ट के बाद बुधवार सुबह इसे बिसवा के लिए रवाना होना था।