लखनऊ। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक और उनकी टीम के कर्मचारियों को रविवार को एचएएल कर्मचारियों एवं यूनियन पदाधिकारियों ने बिना परमीशन के कॉलोनी में दाखिल होकर मीटर बदलने पर दौड़ा लिया। इस दौरान प्रबंध निदेशक व अन्य अफसर कार में सवार होकर भाग लिए, लेकिन कर्मचारी पिट गए। कॉलोनी के लोगों के उग्र रूप को देखकर कर्मचारियों को सामान छोड़कर भागना पड़ा। नाराज उपकेंद्र कर्मियों ने एचएएल कॉलोनी की बिजली काट दी तो एचएएल कर्मचारी वहां भी लाठी व डंडे लेकर पहुंच गए और प्रदर्शन करने लगे। इसके बाद दबाव में कॉलोनी की बिजली जोड़ दी गई। उधर, लेसा अधिकारियों ने कर्मियों को पीटे जाने की घटना से इन्कार किया है।
एचएएल कॉलोनी में दोपहर करीब 1:15 बजे प्रबंध निदेशक एपी मिश्रा, मुख्य अभियंता मयंक सिंघल 20 सदस्यों की टीम के साथ खराब मीटर बदलने, नए मीटर लगाने एवं रीडिंग के बिल जारी करने के कार्य का निरीक्षण करने गए थे। क्षेत्रीय एक्सईएन आरपी सिंह एवं एसडीओ हसीब अहमद की अगुवाई में पूर्वाह्न 11 बजे कॉलोनी में मीटर बदलने का कार्य शुरू हुआ। अभी 5-6 खराब मीटर बदले गए थे और इतने ही घरों के मीटरों की रीडिंग दर्ज हुई थी कि यूनियन के पदाधिकारी आ गए और गाली-गलौज करने लगे। इसी बीच, घरों से कई और कर्मचारी लाठी एवं डंडे लेकर निकल आए। अधिकारी यूनियन के लोगों को समझाने की कोशिश कर रहे थे कि तभी कुछ लोगोें ने लाठी-डंडे को लहराते हुए मारो-मारो चिल्लाते हुए खदेड़ना शुरू कर दिया। इस पर प्रबंध निदेशक और मुख्य अभियंता भाग खड़े हुए। इस भगदड़ में टीम का तमाम सामान कॉलोनी में ही छूट गया। अधिकारी कार में सवार होकर एचएएल उपकेंद्र पहुंचे तो स्थानीय कर्मियों ने एचएएल के फीडर को बंद कर कॉलोनी की बिजली काट दी। बिजली बंद होते ही नाराज एचएएल कर्मचारी उपकेंद्र पर आ धमके और नारेबाजी करने लगे। बवाल बढ़ता देख कॉलोनी की बिजली चालू की गई। इसके बाद लोग वापस गए।
गाजीपुर पुलिस को दी तहरीर
उपखंड अधिकारी हसीब अहमद ने गाजीपुर थानाध्यक्ष को तहरीर देकर एचएएल कॉलोनी में हमला बोलकर सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई एवं सुरक्षा के मद्देनजर एचएएल उपकेंद्र पर पुलिस कर्मियों की तैनाती करने की मांग की है। दरअसल, यह उपकेंद्र एचएएल परिसर में ही मौजूद है, जिसकी वजह से मारपीट की आशंका बढ़ गई है।
कुछ तो गड़बड़ जरूर
एचएएल कॉलोनी में बहु-बिंदुओं पर 700-800 बिजली कनेक्शन जारी किए गए हैं। ऐसे कनेक्शन के मीटरों की रीडिंग लेसा द्वारा दर्ज करके एक-एक कर्मचारी के बिल एकमुश्त एचएएल प्रबंधन को भेजे जाते हैं। इस बिल के आधार पर प्रबंधन कर्मियों की पगार से धनराशि की कटौती करने के बाद उसे जमा करता है। रविवार को टीम द्वारा खराब मीटरों को बदलने एवं नए मीटरों को लगाने का कार्य शुरू ही हुआ था कि कॉलोनी के लोग लामबंद हो गए। अफसरों का मानना कि हो सकता कर्मियों ने बिजली मीटर स्लो करा रखा हो और चेकिंग के दौरान इसका खुलासा होने के डर से उपद्रव करइस अभियान को ठप करा दिया। लेसा के पास पुख्ता सूचना है कि कॉलोनी में केबल को बीच से काटकर बिना मीटर के भी बिजली का इस्तेमाल किया जा रहा है।
वर्जन
एचएएल कर्मियों के शिष्टमंडल ने शनिवार को प्रबंध निदेशक एपी मिश्रा से मुलाकात करके बिल एवं खराब मीटरों की समस्या को दूर करने का अनुरोध किया था। इसी परिप्रेक्ष्य में रविवार को कर्मियों की टीम एचएएल कॉलोनी पहुंची थी, लेकिन अचानक यूनियन पदाधिकारियोें के उकसाने पर एचएएल कर्मचारी उपद्रव करने लगे, जिससे काम ठप हो गया। इसके बाद टीम के अधिकारी एवं कर्मचारी लौट आए।
- आरपी सिंह, एक्सईएन, इंदिरानगर खंड लेसा