लखनऊ। घरेलू एलपीजी वितरण व्यवस्था में आए दिन एजेंसी संचालकों की मनमानी झेल रहे उपभोक्ताओं को राहत दिलाने के लिए तेल कंपनियों ने कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए जल्द ही घरेलू एलपीजी आपूर्ति करने वाली गैस एजेंसियों के लिए वितरण संबंधी नई नियमावली लागू की जाएगी। इसके लागू होने केबाद उपभोक्ताओं की शिकायतों की जांच कर मौके पर ही आरोपी एजेंसी पर कार्रवाई की जाएगी। नई नियमावली में उपभोक्ता हितों की अनदेखी पर संबंधित एजेंसी संचालक की सीधी जवाबदेही तय कर परेशानी झेलने वालों को इससे छुटकारा दिलाया जाएगा।
तीनों तेल कंपनियों के राज्य समन्वयक व इंडियन आयल कंपनी के महाप्रबंधक बीएस कैंथ की पहल पर तेल कंपनियां वितरण व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त बनाने की कवायद में जुटी है। इसके लिए वितरक गैस एजेंसियों के लिए नई नियमावली तैयार कर उसे 1 अप्रैल से लागू करने की तैयारी है। इसके बाद बुकिंग के 48 घंटे में उपभोक्ता को होम डिलीवरी न करने वाली एजेंसी को इसका कारण स्पष्ट करना पड़ेगा। होम डिलीवरी में देरी की शिकायत पर संबंधित तेल कंपनी एजेंसी को कारण बताओ नोटिस जारी करेगी। अगर कोई गैस सिलेंडर वितरक आवंटित कुल कनेक्शनों में से चालीस फीसदी की डिलीवरी में देरी का आरोपी पाया गया अथवा एक बार की चेतावनी के बाद भी कार्यप्रणाली नहीं सुधारी तो उसके खिलाफ जुर्माना लगाने के अलावा लाइसेंस तक निलंबित किया जा सकता है। नई नियमावली में वितरक एजेंसियों के लिए अपने हॉकरों को सिलेंडर की तौल अनिवार्य तौर से करने के बाद उसकी डिलीवरी देकर उपभोक्ता को संतुष्ट करने, सब्सिडीयुक्त सिलेंडरों की अपडेट डिलीवरी रिपोर्ट उपभोक्ता को हॉकर के माध्यम से उपलब्ध कराने और रसोई गैस की फिजूलखर्ची रोकने के लिए समय-समय पर उपभोक्ताओं को जागरूक करने की व्यवस्था भी एजेंसी को करनी होगी। तेल कंपनियों के राज्य समन्वयक बीएस कैंथ का मानना है कि केवाईसी सत्यापन के बाद कोशिश की जा रही है कि किसी भी गैस उपभोक्ता को कोई परेशानी न हो।