लोन में छूट से राजधानी में फ्लैट व अपार्टमेंट खरीदने पर बढ़ेगा जोर
घर व निवेश दोनों जरूरत होगी पूरी
रियल इस्टेट कंपनियों की भी खिली बांछें
लखनऊ। आम बजट में होम लोन पर ब्याज दर की अतिरिक्त छूट के चलते लोगों को आशियाने का सपना साकार करने में आसानी होगी। मध्यम वर्ग का फ्लैट की खरीद पर जोर बढ़ेगा, तो उच्च वर्ग के पास भी सस्ते लोन के चलते रीयल इस्टेट में निवेश के बेहतर विकल्प होंगे। ऐसे में सरकार के इस कदम से घर एवं निवेश दोनों की ही जरूरत पूरी होती दिख रही है। महंगाई के चलते मंद पड़े रीयल इस्टेट के धंधे को गति मिलेगी। खासकर मंझले और छोटे बिल्डरों की बांछें खिल गयी हैं। बजट में 25 लाख रुपए तक के होम लोन पर घर खरीदने वालों को पहली बार ब्याज दर में एक लाख रुपए की छूट मिलेगी। ऐसे खरीददारों को 2014-15 में एक लाख रुपए के ब्याज की अतिरिक्त कटौती की सुविधा मिलेगी और यदि यह सीमा इस वर्ष में समाप्त नहीं होती है तो शेष धनराशि की छूट का दावा अगले वर्ष भी किया जाएगा। अहम यह है कि ब्याज में छूट आयकर अधिनियम की धारा 24 में अपने कब्जे वाली संपत्तियों के लिए स्वीकृत 1.50 लाख रुपए की कटौती के अलावा होगी। ऐसे में 25 लाख रुपए के होम लोन पर मिलने वाली कुल छूट 2.50 लाख रुपए हो जाएगी।
खरीददारी के बढ़ेंगे विकल्प ः रीयल इस्टेट विशेषज्ञ अंकित गर्ग बताते हैं कि आम तौर लोग पर मकान के मूल्य की 80-85 फीसदी तक की रकम लोन से लेते हैं। ऐसे में 25 लाख रुपए तक का लोन 35-40 लाख रुपए तक के मकान, फ्लैट या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त टाउनशिप के प्लॉट के लिए मिलेगा। राजधानी में इस समय टाउनशिप कंपनियों का जोर भी लो-बजट हाउसिंग पर है। इसके चलते रीयल इस्टेट कंपनियों के लिए न केवल नए खरीददार उपलब्ध होंगे बल्कि घर या फ्लैट खरीदने वालों के लिए भी खरीददारी के अधिक विकल्प मौजूद होंगे। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक राजधानी में इस समय लगभग 20 छोटे एवं मंझोले बिल्डर हैं, जो लखनऊ विकास प्राधिकरण या आवास विकास परिषद से मान्यता प्राप्त हैं। इनमें से ज्यादातर फ्लैट 30-40 लाख रुपए श्रेणी के ही हैं। रीयल इस्टेट डवलपर मो. अशरद कहते हैं शहरी सीमा की भीतर हाइवे से लगी टाउनशिप एवं स्कीमों में भी फ्लैट के रेट 3500 से 4000 रुपए स्क्वायर फीट के बीच हैं जबकि प्लॉट के रेट 2000 से लेकर 3000 रुपए स्क्वायर फीट हैं। ऐसे में लोगों के पास फ्लैट या प्लॉट दोनों ही खरीदने का विकल्प होगा।
समय से प्रोजक्ट पूरा करने का भी रहेगा दबाव ः ब्याज में छूट की घोषणा ऐसे समय में आयी है जब लगभग एक महीने पहले रेपो दर कम कर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने भी होम लोन सस्ते होने के संकेत दिए हैं। अब होम लोन पर मिलने वाली टैक्स छूट के चलते भी लोगों का रुझान इस ओर बढ़ेगा, क्योंकि इससे निवेश और बचत दोनों ही हो सकेगी। निवेश सलाहकार सुधीश गर्ग मानते हैं कि मंझोले होम लोन पर लोग अधिक जोर देंगे। 30 लाख से अधिक होम लोन पर लगभग आधा फीसदी अधिक ब्याज चुकाना होता है। जबकि इससे कम लोन लेने पर कम ब्याज दर, अतिरिक्त ब्याज में छूट और आयकर छूट के तिहरे फायदे हैं। ऐसे में थोड़े महंगे मकान खरीदने के लिए भी 25 लाख तक के ही होम लोन पर जोर अधिक रहेगा बाकी पैसा अन्य माध्यमों से चुकाने के विकल्प ढूंढ़े जाएंगे। हालांकि मार्केट की इस बूम के बीच रीयल इस्टेट कंपनियों पर भी अपना प्रोजेक्ट समय से पूरा करने का दबाव बढ़ेगा क्योंकि आम तौर पर ग्राहक लोन और घर का किराया दोनों ही भरने से जल्द निजात पाना चाहेगा।
योजनाएं फ्लैट/प्लाट का न्यूनतम रेट
असंल-सुशांत गोल्फ सिटी 35-40 लाख
बीबीडी ग्रीन सिटी 35-40 लाख
आवास विकास परिषद की अवध विहार योजना 30 लाख
ईमार-एमजीएफ की गोमती सिटी 30-35 लाख
डीएलएफ की हाइटेक टाउनशिप 2000 रुपए स्क्वायर फीट