लखनऊ। शहर के विकास का प्लान वर्ष 2040 से बढ़ाकर 2045 तक रिवाइज किया जाएगा। 2006 में बने इस प्लान को नए सिरे से तैयार करने के लिए कंसल्टेंट कंपनी के चयनकी प्रक्रिया अगले सप्ताह शुरू होगी। इसके लिए ई-टेंडरिंग प्रक्रिया अपनाई जाएगी। रिवाइज्ड प्लान के तहत ही शहर में पेयजल, सीवरेज, पर्यावरण, ट्रांसपोर्ट, ट्रैफिक आदि विभिन्न जनसुविधाओं का समयबद्ध विकास होगा। आबादी तथा वाहनों की बढ़ती संख्या के चलते कई जरूरी फेरबदल होने हैं। कंसल्टेंट कंपनी गिरते जलस्तर से लेकर पर्यावरण, चिकित्सा, यातायात, जलापूर्ति, सीवर, सड़क, बिजली आदि जनसुविधाओं की भविष्य में पड़ने वाली जरूरत का अध्ययन कर रिपोर्ट देगी। उसी हिसाब से शहर के विकास का खाका खींचा जाएगा। नगर निगम के मुख्य अभियंता तरुण शर्मा ने बताया कि शहरी विकास योजना के तहत ही जनसुविधाओं का विकास किया जाता है। 2006 में फीडबैक एडवंचर्स कंपनी ने 2040 तक की योजना बनाई थी।
पहली बार होगी ई-टेंडरिंग ः नगर निगम टेंडर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए पहली बार ई-टेंडरिंग सुविधा शुरू करेगा। इससे ठेकेदारों को कार्य के फॉर्म न मिलने या टेंडर न डालने देने की शिकायतों से छुटकारा मिलेगा। ऑनलाइन पेमेंट की भी सुविधा मिलेगी।
28 तक देने होंगे डिजिटल सिग्नेचर ः ई-टेंडरिंग व्यवस्था के लिए नगर निगम ने अपने सभी सूचीबद्ध ठेकेदारों को 28 फरवरी तक डिजिटल सिग्नेचर उपलब्ध कराने को कहा है। शर्मा के मुताबिक कुछ ठेकेदारों के हस्ताक्षर मिल गए हैं पर इनकी संख्या काफी कम है।