लखनऊ। महानगर पुलिस ने ग्रामीण स्वास्थ्य कल्याण संस्थान के नाम पर एक हजार से ज्यादा बेरोजगारों को ठगी का शिकार बनाने वाले जालसाज को रविवार रात गिरफ्तार कर लिया। उसने स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न पदों पर नौकरी का झांसा देकर युवकों से ठगी की थी। जालसाज के कब्जे से लग्जरी गाड़ी, रिवॉल्वर व अन्य सामान बरामद हुआ है। इंस्पेक्टर महानगर वीर सिंह ने बताया कि पुलिस टीम ने बीती रात पेपरमिल तिराहे पर घेराबंदी करके गोमतीनगर के विराम खंड निवासी राहुल सिंह को गिरफ्तार किया। वह अपनी इनोवा गाड़ी से हजरतगंज से गोमतीनगर जा रहा था। राहुल के कब्जे से लाइसेंसी रिवॉल्वर, लैपटॉप, एक डायरी व बॉडी नंबरिंग मशीन बरामद हुई। उसने साथियों की मदद से ग्रामीण स्वास्थ्य कल्याण संस्थान नामक फर्जी एनजीओ बनाकर बाराबंकी के विकास भवन मार्ग पर ऑफिस खोला था और एक हजार से अधिक बेरोजगारों को नौकरी के नाम पर ठग लिया। ठगी का शिकार बने बेरोजगारों की शिकायत पर स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने महानगर पुलिस को कार्रवाई के आदेश दिए थे। इस पर रिपोर्ट दर्ज करके सर्विलांस सेल की मदद से जालसाजों की तलाश शुरू की गई थी।
इश्तहार छपवाकर ठगा ः राहुल ने पूछताछ में कबूला कि ग्रामीण स्वास्थ्य कल्याण संस्थान का शानदार ऑफिस खोलने के बाद उसने विभिन्न अखबारों में इश्तहार छपवाया। इसमें स्वास्थ्यकर्मी, क्लर्क, नर्स, लैब टेक्नीशियन, मल्टीपरपज हेल्थ वर्कर, वार्डबॉय, स्टोरकीपर, सुरक्षाकर्मी पद के लिए संविदा पर नौकरी का झांसा दिया। अभ्यर्थियों को र्ढाई सौ रुपए के ड्राफ्ट के साथ आवेदन करना था। इसकी अंतिम तिथि 25 जून 11 नियत की। नौ पदों के लिए एक हजार से ज्यादा आवेदनपत्र प्राप्त हुए। संस्थान के खाते में ढाई-तीन लाख के ड्राफ्ट जमा हो गए। इसके बाद उसने अभ्यर्थियों के साक्षात्कार के लिए अलीगंज स्थित लोकसेवा आयोग के अधिकारियों से संपर्क किया। शुल्क जमा करके परीक्षा भवन में साक्षात्कार लिया। इसमें एक हजार अभ्यर्थियों को चयन पत्र जारी करने के साथ उन्हें ग्रामीण स्वास्थ्य कल्याण संस्थान लखनऊ के नाम से 7650 रुपए का ड्राफ्ट 26 अगस्त 2012 तक जमा करने को कहा।
चयनपत्र जारी कर 76 लाख बटोरे ः साक्षात्कार के बाद चयनपत्र मिलते ही बेरोजगारों ने अंतिम तिथि से पहले 7650 रुपए के ड्राफ्ट बनवाकर संस्थान के दफ्तर में जमा कर दिए। इस तरह 76 लाख से अधिक रुपए जमा होने पर जालसाजों ने चयनित अभ्यर्थियों के सौ-सौ के ग्रुप बनाए और उन्हें विभिन्न तिथियों पर महानगर में ई ब्लॉक स्थित पार्क के पास ग्रामीण स्वास्थ्य कल्याण संस्थान के ऑफिस में सत्यापन के लिए बुलाया। चयनित अभ्यर्थियों का पहला जत्था 16 दिसंबर को कार्यालय पहुंचा तो वहां ताला लगा था। बेरोजगारों को हंगामा करते देख मकान मालिक ने पुलिस को फोन किया। पुलिस ने मामला बाराबंकी का बताकर पीछा छुड़ाने की कोशिश की। सुनवाई न होते देख बेरोजगारों ने स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन से गुहार लगाई थी।