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सौ करोड़ से सुधरेगी आईआरसीटीसी की वेबसाइट

Fri, 23 Nov 2012 12:00 PM IST
Lucknow
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लखनऊ। अब ऑनलाइन टिकट करते समय भारतीय रेल खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) की वेबसाइट हैंग नहीं होगी और न ही बैंक ट्रांजेक्शन में समय लगेगा। यात्रियों की सुविधा के लिए आईआरसीटीसी ने अपनी वेबसाइट को हाईटेक करने के साथ-साथ सर्वर की क्षमता बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी है। आगामी छह माह में काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद वेबसाइट पर लोग अपनी आईडी से चंद मिनटों में तत्काल टिकट व 120 दिन पहले सामान्य टिकट बना सकेंगे। इस पूरी योजना पर सौ करोड़ रुपये खर्च होंगे। सर्वर की क्षमता बढ़ने के बाद करीब बारह लाख लोग एक बार में साइट का उपयोग कर सकेंगे। आईआरसीटीसी लखनऊ के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज सिन्हा ने बताया कि लगातार आ रही वेबसाइट हैंग करने की शिकायतों के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि दीपावली के दौरान करीब पौने ग्यारह लाख लोगों ने प्रतिदिन वेबसाइट का इस्तेमाल किया। जबकि वेबसाइट की क्षमता के अनुसार एक समय में करीब पांच लाख लोग ही इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसे में दिक्कत होना लाजमी था। ट्रेनों में प्रतिदिन 10.75 लाख बर्थ होती हैं, इनके लिए करीब साढ़े चार लाख यात्री ऑनलाइन टिकट करते हैं। वातानुकूलित श्रेणी में सफर करने वाले सत्तर फीसदी यात्री ऑनलाइन टिकट करा रहे हैं, जबकि कुल ऑनलाइन टिकट कराने वालों का ग्राफ 46 फीसदी है। उन्होंने बताया कि सर्वर अपग्रेड करने के लिए मुख्यालय स्तर पर जल्द ही ग्लोबल टेंडर निकाला जाएगा और छह माह बाद यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलने लगेगी। मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक के मुताबिक भविष्य को देखते हुए बारह लाख यात्रियों के हिसाब से सर्वर अपग्रेड किया जा रहा है। अभी 120 दिन पहले का टिकट ऑनलाइन बनने में दिक्कत आती है, इसी तरह व्यक्तिगत आईडी से तत्काल का टिकट भी नहीं बनता। सर्वर अपग्रेड होने पर यह दिक्कत भी खत्म हो जाएगी। इसके साथ ही एजेंट तत्काल टिकट न बना सके इसके लिए भी पुख्ता व्यवस्था की जाएगी। उन्हाेंने बताया कि पिछले दो वर्ष में ऑनलाइन टिकट बनाने वाले यात्रियों का ग्राफ अस्सी फीसदी बढ़ा है।
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एजेंट साइट नहीं कर सकेंगे हैक ः आईआरसीटीसी अपनी वेबसाइट को अपग्रेड करने के साथ ही सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी हाईटेक करने जा रहा है। निगम अधिकारियों के मुताबिक अब साइट को हैक करने की शिकायत नहीं मिलेगी। न ही किसी साफ्टवेयर की मदद से एजेंट धड़ल्ले से टिकट बना सकेंगे। ऐसी समस्याओं पर निजात पाने के लिए नए साफ्टवेयर को सुरक्षा की दृष्टिकोण से हाईटेक बनाया जाएगा।
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