लखनऊ। भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) अपने पब्लिक कॉल आफिस (पीसीओ) को राजधानी में वीडियो कॉलिंग आफिस (वीसीओ) में बदलने जा रहा है। जिसके तहत विशेष लैंडलाइन फोन पर बात करने वाले की तस्वीर भी देखी जा सकेगा, अगर कॉल रिसीव करने वाले के पास भी वेब कैम फोन होगा। इस सेवा के संचालन के लिए बीएसएनएल ने एसआईएस इन्फोसिस्टम की मदद ली है। सेवा के तहत आम कॉल के मुकाबले अधिक रुपया खर्च करना होगा। इसकी 45 सेकंड की कॉल पर करीब तीन रुपये का खर्च आएगा। इसमें फ्रेंचाइज ओनर को 30 फीसदी कमीशन मिलेगा। इस सेवा का लाभ आम लैंडलाइन यूजर भी उठा सकेंगे।
बीएसएनएल के राजधानी में करीब सवा लाख लैंडलाइन यूजर हैं। जबकि पांच फ्रेंचाइज के तहत सैकड़ों की संख्या में पीसीओ का संचालन किया जा रहा है। मोबाइल के आगे लैंडलाइन फोन की घटती उपयोगिता और कम वैल्यू एडेड सर्विसेज के चलते इनकी संख्या घटती जा रही है। इसलिए बीएसएनएल ने दिल्ली में सितंबर में इस स्कीम को लांच किया था, मगर अब इसको राजधानी में भी शुरू कर दिया गया है। इसके तहत लोग बात करते समय रिसीवर का चेहरा भी देख सकेंगे। यूपी ईस्ट सर्किल के मुख्य महाप्रबंधक एके पुरवार ने बताया कि स्कीम की सेवा आम लोग भी ले सकते हैं। इसके लिए वे अपने सामान्य लैंडलाइन फोन को भी वीडियो फोन में कन्वर्ट कर सकते हैं। इसके लिए एजेंसी जो कि बीएसएनएल के साथ इस काम को रही है, वह उनके कनेक्शन पर नया वीडियोफोन लगा देगी। जिसके बाद वे वीडियो कॉलिंग का फायदा उठा सकेंगे। इसके लिए फोन का कुछ अतिरिक्त खर्च कंपनी लेगी। इसमें कॉल सामान्य कॉल के मुकाबले कई गुना महंगी होगी। इसमें ग्राहक को 45 सेकंड की कॉल के लिए 3 रुपये खर्च करने पड़ेंगे।