लखनऊ। नगराम थाना क्षेत्र में प्रॉपर्टी डीलरों के गैंग ने जमीन खरीदने निकले दंपती समेत चार लोगों की कनपटी से तमंचा सटाकर 17.14 लाख से भरा बैग लूट लिया। चीखपुकार सुनकर दौड़े ग्रामीणों ने वारदात को अंजाम देकर भाग रहे बदमाशों का पीछा किया। लूटे बैग समेत एक बदमाश धान के खेत में जा छिपा, जबकि तीन लुटेरे असलहे लहराते हुए बाइक से भाग निकले। दंपती ने खेत में छुपे बदमाश को पकड़कर धुनाई की और उसे पुलिस को सौंप दिया। पुलिस के मुताबिक, गोमतीनगर के गांव मकदूमपुर निवासी कैलाश यादव ने चिनहट के गांव गांव बाघामऊ निवासी प्रॉपर्टी डीलर अनिल कुमार के माध्यम से नगराम के गांव ददुरी जमालपुर निवासी किसान गोमती प्रसाद की जमीन का सौदा किया था। कैलाश शुक्रवार को पत्नी उर्मिला व ससुर राम लखन यादव को लेकर जमीन खरीदने निकले। उर्मिला 17,14,500 रुपये से भरा बैग लेकर स्कार्पियो में सवार हुई। उनके साथ कैलाश व राम लखन बैठे थे। ड्राइवर अजय के बगल वाली सीट पर प्रॉपर्टी डीलर अनिल सवार था। उनकी गाड़ी सुबह 11 बजे नगराम के अचली खेड़ा पहुंची थी कि पीछे से आई बाइक पर सवार प्रॉपर्टी डीलर मुन्ना ने ओवर टेक करते हुए रुकने का इशारा किया। अनिल के कहने पर अजय ने ब्रेक लगाया। थोड़ी दूर खड़े मुन्ना ने बातचीत के बहाने कैलाश को बुलाया, जबकि उसके दो साथी गाड़ी की तरफ बढ़े। अनिल का इशारा मिलते ही मुन्ना ने कैलाश की कनपटी से तमंचा सटा दिया और उसके दोनों साथियों ने कार चालक अजय व राम लखन पर तमंचा ताना और धमकाने लगे। इस बीच अनिल ने उर्मिला को धमकाते हुए नोटों से भरा बैग लूट लिया। बैग लेकर गाड़ी से उतरे अनिल ने दौड़ लगा दी। तीनों अन्य बदमाश तमंचे लहराते हुए बाइक पर सवार होकर गांव अकरहदू की तरफ भागे। इस बीच कैलाश, उसकी पत्नी, ससुर व वाहन चालक की चीखपुकार सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों ने बदमाशों का पीछा कर लिया। बाइक सवार तीनों बदमाश तो भाग निकलने में सफल रहे जबकि पैदल दौड़ रहा अनिल धान के खेत में जा छिपा। कैलाश व राम लखन ने पुलिस को फोन करने के साथ ग्रामीणों की मदद से घेराबंदी करके अनिल को नोटों से भरे बैग समेत धर दबोचा। दिनदहाड़े 17 लाख से अधिक की लूट की सूचना पर एसओ नगराम प्रमोद कुमार पांडेय फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे और अनिल को गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ के बाद गोसाईगंज के गांव धौरारा निवासी प्रॉपर्टी डीलर मुन्ना व उसके दो साथियों की तलाश शुरू की है। अनिल ने कबूला कि उसने मुन्ना की मदद से रकम लूटने की योजना बनाई थी। कैलाश, रामलखन व उर्मिला के रकम लेकर गाड़ी में सवार होते ही उसने मुन्ना को सचेत कर दिया था। योजना के मुताबिक मुन्ना ने अचली खेड़ा रेगुलेटर पर गाड़ी रुकवाई और वारदात को अंजाम दे डाला। लूटपाट के दौरान ग्रामीणों के घेराबंदी करने से वह हड़बड़ा कर खेत की तरफ भागा, जबकि उसके साथी भाग निकलने में सफल रहे। पुलिस का कहना है कि फरार बदमाशों की तलाश में कई स्थानों पर दबिश दी गई है।
पूर्व मंत्री का करीबी है पीड़ित ः पुलिस ने बताया कि कैलाश यादव पूर्व मंत्री रामपूजन पटेल का करीबी है और उनके साथ काम करता है। कैलाश के ससुर राम लखन ने कुछ दिन पहले मकदूमपुर में अपनी जमीन बेची थी और नगराम क्षेत्र में जमीन तलाश रहे थे। इस दौरान अनिल व मुन्ना से कैलाश का संपर्क हुआ। दोनों ने जमीन का सौदा कराने के साथ रकम लूटने की योजना बना डाली।