लखनऊ। दोपहर डेढ़ बजे चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट के नए टर्मिनल से बाहर निकलते ही अक्शदीप नाथ चारों ओर अपने चाहने वालों से घिर गए। जूनियर वर्ल्ड कप की चैंपियन टीम इंडिया का उप कप्तान परिजनों और साथियों की ओर हुए इस स्वागत से अभीभूत दिखे। ढोल नगाड़ों की गूंज की बीच अक्शदीप ने सबसे पहले बड़ों का आशीर्वाद लेकर साथियों को गले लगाया। करीब पन्द्रह मिनट तक चले खुशनुमा माहौल के बाद अक्शदीप ने अमर उजाला से खास बातचीत में कहा कि वर्ल्ड चैंपियन टीम का सदस्य बनकर गर्व महसूस हो रहा हूं। अभी तक टीम के साथ मिलकर जश्न मनाया और अब घर पर दोस्तों को अपनी खुशी में शरीक करूंगा। भविष्य की योजना के बारे में उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से आईपीएल युवा खिलाड़ियों के लिए शानदार प्लेटफार्म है, लेकिन फिलहाल मेरा ध्यान आगामी रणजी ट्रॉफी के लिए यूपी टीम के चयन पर होगा। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी टीम के संभावित खिलाड़ियों में शामिल हूं। अगर चयनकर्ताओं ने मौका दिया तो उनके फैसले को सही साबित करने का भरसक प्रयास करूंगा। वर्ल्ड कप में किए प्रदर्शन पर अक्शदीप ने कहा कि यह कहने में मुझे कोई गुरेज नहीं है कि बल्ले से नाकाम रहा, लेकिन क्रिकेट एक टीम गेम है, जहां प्रदर्शन किसी एक खिलाड़ी पर निर्भर नहीं करता। इसलिए फील्डिंग में सौ प्रतिशत योगदान दिया। वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले मैच में मिली हार पर उन्होंने कहा वेस्टइंडीज के खिलाफ मिली हार से टीम को झटका जरूर लगा था, लेकिन इस हार से हम सतर्क हो गए और सभी मुकाबलों में जीत दर्ज की। फाइनल में उन्मुक्त ने यादगार पारी खेली और हमें जूनियर वर्ल्ड कप का चैंपियन बना दिया।
सीएएल ने दिखाई बेरुखी ः राजधानी में क्रिकेट प्रोत्साहन का बीड़ा उठाने वाले क्रिकेट एसोसिएशन लखनऊ (सीएएल) के दावे उस वक्त हवा हो गए, जब अक्शदीप को लेने के लिए एयरपोर्ट में कोई भी प्रतिनिधि नहीं पहुंचा। सीएएल की इस बेरुखी पर अक्शदीप के पिता दीपेन्द्र नाथ भी खासे नाराज दिखें। उन्होंने अमर उजाला से बातचीत में स्पष्ट शब्दों में कह डाला कि देश के खेलने वाले क्रिकेटर को सम्मानित करने का सबसे पहले हक संबंधित शहर की क्रिकेट एसोसिएशन का बनता है, लेकिन एयरपोर्ट में सीएएल का एक भी प्रतिनिधि को देखकर खासी निराशा हुई। हैरत की बात है कि अभी तक उनकी ओर से अक्शदीप के लिए एक भी बधाई संदेश तक नहीं आया। एसोसिएशन को कम से कम अपने खिलाड़ी का तो सम्मान करना चाहिए था। ऐसा न होने से खिलाड़ी के मनोबल पर असर पड़ता है। इस पूरे मामले पर जब सीएएल के सचिव केएम खान ने बात की गई तो उन्होेंने जानकारी न होने का हवाला देते हुए मामले से पल्ला झाड़ लिया। उन्होंने कहा कि हमें अक्शदीप के प्रदर्शन पर गर्व है, अगर आज उसने आने का पता होता, तो खुद ही एयरपोर्ट चला जाता। इसका हमें अफसोस है। जल्द ही सीएएल की बैठक में इस क्रिकेटर के सम्मान के लिए समारोह आयोजित करने पर फैसला लिया जाएगा।
दोनों प्रशिक्षकों ने दी बधाई ः सीएएल से भले ही कोई प्रतिनिधि भले ही एयरपोर्ट न पहुंचा हो, लेकिन अक्शदीप नाथ को क्रिकेट की बेसिक सिखाने वाले आस्का अकादमी के कोच अभिजीत सिन्हा अपने प्रिय छात्र को मिलने एयरपोर्ट पहुंच गए। उन्होंने अक्शदीप को भविष्य की टीम इंडिया का सदस्य बताया। घर पहुंचने के बाद अक्शदीप शाम को अपने मौजूदा गुरु गोपाल सिंह से मिलने एलडीए स्टेडियम पहुंचे। अपने शिष्य के प्रदर्शन से गदगद गोपाल सिंह ने कहा कि एक गुरु के लिए इससे बड़ी गुरुदक्षिणा नहीं हो सकती। मुझे पूरी उम्मीद है कि अक्शदीप जल्द ही यूपी की रणजी टीम में जगह बनाने में सफल होगा और आने वाले दिनों में भारत का प्रतिनिधित्व करेगा।