अवध आसाम एक्सप्रेस में मंगलवार को फौजियों का क्रूर चेहरा सामने आए। रिजर्व कोच में गलती से चढ़े छह किशोरों से वह दुश्मन की तरह पेश आए।
ट्रेन चलने के कुछ देर बाद ही मारपीट करने के बाद उन्हें ट्रेन से नीचे फेंक दिया गया।
किसी का सामान ट्रेन में छूटा तो किसी का रिश्तेदार। एक किशोर के सिर में गंभीर चोट आई है।
अवध आसाम एक्सप्रेस में छह किशोरों के लिए सैनिकों के लिए आरक्षित कोच में चढ़ना बेहद महंगा साबित हुआ। फौजियों ने उनके साथ ऐसा बर्ताव किया जैसे वे सीमा पार कर आए हों।
मंगलवार को अवध आसाम एक्सप्रेस (15,610) मुरादाबाद स्टेशन पर खड़ी हुई। जल्दबाजी में कुछ किशोर रिजर्व कोच में चढ़ गए। वे गेट के पास ही खड़े थे।
इन्हीं में से एक युवक इम्तियाज ने बताया कि ट्रेन के चलते ही एक फौजी उठकर आया और पूछा कि इस कोच में कैसे चढ़ गए हो। वे कोई जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद दो तीन सैनिक और आ गए और उनसे नीचे उतरने के लिए दबाव बनाने लगे।
बच्चों ने अगले स्टेशन पर उतरने की गुहार लगाई लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद उन्हें पीटना शुरू कर दिया। जैसे ही ट्रेन गोविंदनगर के निकट से गुजरी सभी को नीचे फेंक दिया।
गनीमत रही कि ट्रेन ने रफ्तार नहीं पकड़ी। कुछ देर तक किशोर पटरी के किनारे पड़े रहे। आसपास से गुजर रहे लोगों ने उन्हें उठाया। इम्तियाज अली के सिर में गंभीर चोट आई।
धक्का लगने से कटिहार का रहने वाला रऊफ ट्रेन के नीचे आने से बाल-बाल बचा। घायल होने वाले युवकों में पंकज निवासी हरदोई, गुड्डू निवासी हरदोई और रवि पटवाई (रामपुर) थे।