मामला अंबेडकर विश्वविद्यालय का है। परिसर की बाउंड्री की रेलिंग गिरने से दो बिजली लाइनें आपस में सट गईं। इससे हुए धमाके के बाद अफरातफरी मच गई, वहीं चार 33/11 केवी उपकेंद्र ठप हो गए। लाइनों के ट्रिप होने से 50 हजार से अधिक घरों की बिजली गायब हो गई। उधर, बारिश के चलते राजधानी की बिजली व्यवस्था पटरी से उतर गई है।
दिन-दहाड़े हुआ हादसा
शनिवार रात करीब 2:30 बजे अंबेडकर विश्वविद्यालय की रेलिंग गिरी तो उसकी चपेट में अंबेडकर उपकेंद्र का 11 केवी ओवर हेड लाइन का पोल आ गया। इस पोल की लाइन पास से गुजरी पीजीआई से आशियाना जाने वाली 33 केवी लाइन पर जा गिरी। इसके बाद तेज धमाके के साथ 33/11 केवी उपकेंद्र आशियाना, अंबेडकर, रजनीखंड एवं उतरेठिया की बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
...और हर तरफ छा गया अंधेरा
इन उपकेंद्रों की बिजली बंद होते ही आशियाना कॉलोनी से लेकर उतरेठिया और साउथ सिटी से रजनीखंड तक अंधेरा छा गया। अंबेडकर उपकेंद्र से ही उतरेठिया उपकेंद्र को बिजली आपूर्ति होती है। यानी चारों उपकेंद्रों के 50 हजार से अधिक घरों के लोग बिजली संकट की चपेट में आ गए। इसके बाद रात में ही पोल व लाइनों को दुरुस्त करने का सिलसिला शुरू हुआ।
घंटों चलती रही मरम्मत, फिर लौटी बिजली
उतरेठिया के एसडीओ एके सिंह ने बताया कि साढ़े छह घंटे के बाद सबसे पहले आशियाना उपकेंद्र की बिजली रविवार सुबह 9 बजे चालू हो सकी। इसके बाद पूर्वाह्न 10:30 बजे अंबेडकर एवं रजनीखंड के इलाके में आपूर्ति बहाल हुई। उतरेठिया की बिजली अपराह्न तीन बजे तक चालू हो पाई। एसडीओ ने बताया कि दोनों लाइनों के पोल व तार क्षतिग्रस्त होने से दोबारा पोल लगाने पड़े, जिससे कार्य में काफी वक्त लगा।