जहरीली शराब पीने से पांच और लोगों की मौत हो गई। इससे मृतकों की संख्या बढ़कर 42 हो गई है। बावजूद इसके घटना के 36 घंटे बाद भी पुलिस ने इस मामले में किसी के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की है।
अमिलो संवाददाता के अनुसार शनिवार दोपहर तक 43 लोग सीएचसी मुबारकपुर पहुंचे थे। गंभीर लोगों को वहां भर्ती कर लिया गया और अन्य को दवा देकर घर भेज दिया गया।
इससे पहले शुक्रवार रात 12 बजे तक मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बीवी सिंह 12 शवों का पोस्टमार्टम करा चुके थे। उन्होंने बताया कि शनिवार को चार और शव चीरघर लाए गए हैं।
देर शाम तक उनके शवों का भी पोस्टमार्टम कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि आमतौर पर देशी शराब बनाने में इथाइल और मिथाइल एल्कोहल के कंबीनेशन में त्रुटि हो जाने से ऐसी घटनाएं होती हैं।
इससे शराब की तीव्रता बढ़ जाती है और पीने वालों के अंगों को क्षतिग्रस्त करने लगती है। इसका असर सेवन के कुछ ही घंटे बाद शुरू हो जाता है लेकिन मुबारकपुर में ऐसा नहीं हुआ।
जो भी पीड़ित सामने आए, चाहे वो मृत हों या जीवित, उन पर जहर का असर 12 से 24 घंटे बाद हुआ है। बिसरे की जांच से इसका पता लग पाएगा कि शराब में कौन सा जहर किस मात्रा में था। बिसरा जांच के लिए लखनऊ की विधि विज्ञान प्रयोग शाला को भेजा जाएगा।