इन बच्चों की गायब है। उसका अपहरण हुआ था। चार बच्चों ने पिता के साथ अपनी मां की खोज की। नहीं मिली, तो पुलिस से गुहार लगाई। किसी ने नहीं सुनी।
आखिरकार इन छोटे-छोटे बच्चों को अपनी मां की खातिर भूख्ा हड़ताल पर बैठना पड़ा।
एक महीने तक नहीं ली सुध
एक महीने तक ये बच्चे लखनऊ स्थित विधानभवन के सामने भूख हड़ताल पर बैठे रहे। कुछ लोग उनसे मिलने पहुंचते, लेकिन मां की कोई खबर नहीं देते। इस दौरान, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी इन बच्चों की सुध नहीं ली।
आखिरकार मिले अखिलेश
मां की बरामदगी व अपहरणकर्ता की गिरफ्तारी की मांग को लेकर विधानभवन के सामने एक माह से भूख हड़ताल पर बैठे बलिया निवासी चार बच्चों की मुलाकात गुरुवार को आखिरकार अखिलेश यादव से हो गई।
जनता दर्शन में मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद बच्चों ने हड़ताल खत्म कर दी।
राणा प्रताप के हैं बच्चे
बलिया के रसड़ा डेहरी निवासी राणा प्रताप के चार बच्चे राज नंदिनी (16), रागिनी (12), आठ वर्षीय शुभम प्रताप व छह वर्षीय राज प्रताप एक माह से विधानभवन के सामने प्रदर्शन के बाद भूख हड़ताल पर बैठे थे।