हाल ही में साल का तीसरा ग्रैंड स्लैम विंबलडन खेला गया। जिसमें महिला सिंगल्स का खिताब ऑस्ट्रेलिया की एश्ले बार्टी ने जीता वहीं पुरुष एकल खिताब सर्बिया के नोवाक जोकोविच जीतने में सफल रहे। करीब दो हफ्ते तक चली विंबलडन प्रतियोगिता ने एक से बढ़कर एक रोमांचक मैच देखने को मिले। लेकिन टूर्नामेंट समाप्त होने के बाद एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक विंबलडन में कम से कम दो मैचों पर फिक्स होने का संदेह किया जा रहा है। इन दोनों मुकाबलों में हुई सट्टेबाजी के पैटर्न ने आयोजकों सहित जांचकर्ताओं को सचेत कर दिया। जिसके बाद इन मैचों की जांच शुरू कर दी गई है।
जर्मनी के अखबार डाइ वेल्ट की एक रिपोर्ट में कहा गया कि इस साल विंबलडन के 2 मैचों में जिस तरह से सट्टेबाजी हुई उससे इन मुकाबलों को लेकर मैच फिक्सिंग होने के संदेह को जन्म दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक यह दोनों मैच शुरुआती दौर के थे। जिसमें पुरुषों का एक डबल्स जबकि दूसरा एकल के पहले दौर का मुकाबला था।
जिस पहले मुकाबले में मैच फिक्सिंग की आशंका की गई वह पहले राउंड में पुरुषों का डबल्स था। इस मैच की जो दावेदार जोड़ी थी उसकी हार पर सट्टा लगा था। यह जोड़ी पहला सेट जीतने में सफल रही। जिसके बाद हार की संभावना कम होने लगी। इसके बाद यह जोड़ी बाकी बचे सेट हार गई। सट्टे की टाइमिंग और उस पर लगाई गर्ई रकम पर शक की जा रही है।
इसके बाद जिस दूसरे मैच पर आशंका की जा रही है वह पहले दौर का एकल मुकाबला है। जिसमें एक जर्मनी का खिलाड़ी खेल रहा था। उसके विरोधी पर लगे सट्टे ने संदेह बढ़ा दिया। रिपोर्ट में कहा गया कि दूसरे सेट आखिरी में बिलकुल उसी स्कोर पर पांच अंक वाली रकम का सट्टा लगा जिसका अंत में परिणाम आया।
टेनिस में भ्रष्टाचार और फिक्सिंग जैसे मामलों पर इंटरनेशनल टेनिस इंटीग्रिटी एजेंसी नजर रखती है। लेकिन अभी तक एजेंसी की तरफ से इन मैचों के बारे में कुछ नहीं कहा गया है। जब जर्मनी के अखबार ने एजेंसी से इस बारे में सवाल पूछे तो उसने कोई जानाकारी देने से मना कर दिया। लेकिन एजेंसी ने इतनी जरूर कहा कि उनके पास इन मैचों को लेकर सूचना आई है।