दुनिया के जाने-माने टेनिस खिलाड़ी रोजर फेडरर घुटने की चोट के कारण टोक्यो ओलंपिक से बाहर हो गए हैं। 20 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन फेडरर ने इस बात की जानकारी अपने आधिकारिक ट्विंटर हैंडल के जरिए दी। उन्होंने ट्वीट किया, 'विंबलडन के दौरान मुझे दुर्भाग्य से घुटने में चोट लगी, जिसके कारण मैंने फैसला लिया कि कि मुझे टोक्यो ओलंपिक से हट जाना चाहिए।' दरअसल, फेडरर पहले टेनिस खिलाड़ी नहीं है, जिन्होंने टोक्यो ओलंपिक में न खेलने का फैसला किया हो। इससे पहले कई दिग्गज खिलाड़ी ऐसा कर चुके हैं। लाला बजरी के बादशाह कहने जाने वाले स्पेन के राफेल नडाल भी टोक्यो से अपना नाम वापस ले चुके हैं। वहीं, ऑस्ट्रेलिया के डॉमिनिक थिएम भी ओलंपिक से हट चुके हैं। बता दें कि नडाल और थिएम विंबलडन में भी नहीं खेले थे।
उहापोह की स्थिति में जोकोविच, बोले- टोक्यो ओलंपिक जाने के 50-50 चांस
दुनिया के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच के पास 'गोल्डन स्लैम' पूरा करने का अच्छा अवसर है लेकिन उन्होंने अभी तक टोक्यो ओलंपिक में खेलने का पक्का फैसला नहीं लिया है। दर्शकों की अनुपस्थिति और टोक्यो में कोरोना वायरस से जुड़े कड़े प्रतिबंधों को देखते हुए जोकोविच जापान की यात्रा करने को लेकर उहापोह की स्थिति में हैं। जोकोविच ने रविवार को विंबलडन खिताब जीतने के बाद कहा था, 'मुझे इस बारे में सोचना होगा। मेरी योजना शुरू से ही ओलंपिक खेलों में भाग लेने की थी लेकिन वर्तमान स्थित को देखकर मैं कुछ तय नहीं कर पा रहा हूं। पिछले दो तीन दिनों में मैंने जो कुछ सुना उससे यह अभी 50-50 जैसी स्थिति है।' जोकोविच प्रशंसकों की अनुपस्थिति की खबर से भी निराश हैं। यही नहीं कड़े प्रतिबंधों का मतलब होगा कि उनकी निजी टीम के कुछ लोग ही टोक्यो की यात्रा कर पाएंगे।
हर्काज ने तोड़ा था फेडरर का 21वां ग्रैंड स्लैम जीतने का सपना
हर्बट हर्केज ने आठ बार के चैंपियन रोजर फेडरर को सीधे सेटों में हराकर विंबलडन में सबसे बड़ा उलटफेर किया था। साथ ही फेडरर का 21वां ग्रैंड स्लैम जीतने का सपना टूट गया। पोलैंड के 14वीं वरीयता प्राप्त हर्केज ने उन्हें 6-3, 7-6 (4), 6-0 से हराकर पहली बार किसी ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट के सेमीफानइल में प्रवेश किया था।