पेरिस ओलंपिक में भारत के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी टेनिस स्टार रोहन बोपन्ना ने पुरुष युगल के लिए एन श्रीराम बालाजी को अपना जोड़ीदार चुना था। बोपन्ना की तुलना में बालाजी इतने अनुभवी नहीं हैं, लेकिन उनके सामने बोपन्ना के भरोसे पर खरा उतरने की चुनौती होगी। बालाजी अपनी बातों या काम से किसी को ठेस नहीं पहुंचाना चाहते और अब वह अपने जोड़ीदार बोपन्ना को भी निराश नहीं करना चाहेंगे।
बोपन्ना-बालाजी ने किया कड़ा अभ्यास
बोपन्ना ने बालाजी की काबिलियत पर अपार भरोसा दिखाया और उन्हें पेरिस ओलंपिक के लिए अपना जोड़ीदार चुना। इसलिए बालाजी के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने के साथ बड़े मंच का दबाव महसूस नहीं करना अहम है। उन्हें अपने खेल में सहज होने और अपना स्वाभाविक खेल खेलने की जरूरत है। दोनों को तैयारियों के लिए दो टूर्नामेंट में खेलना था लेकिन वे उमग एटीपी टूर्नामेंट में नहीं खेले। हालांकि, बोपन्ना और बालाजी ने इस समय का इस्तेमाल पेरिस ओलंपिक की टेनिस स्पर्धाओं के स्थल रोलां गैरों पर अभ्यास करने के लिए किया जिससे दोनों को एक-दूसरे के खेल और मजबूत पक्ष को बेहतर ढंग से जानने में मदद मिली।
'बालाजी को प्रोत्साहित करते रहेंगे बोपन्ना'
भारतीय टेनिस टीम के साथ आए कोच बालाचंद्रन ने कहा, पिछले कुछ दिन एक-दूसरे के बारे में जानने के बारे में रहे हैं। बालाजी थोड़े शर्मिले हैं। इस स्तर पर बोपन्ना को मुझसे कोचिंग की जरूरत नहीं है, लेकिन हमें सुनिश्चित करने की जरूरत है कि बालाजी सहज रहें और आत्मविश्वास से भरे रहें। अगर वह अहम मौके पर असहज हो गए तो क्या होगा?
बालाचंद्रन पिछले दो वर्षों में बालाजी के साथ काम कर चुके हैं, उन्होंने कहा, वह हर काम परफेक्ट तरीके से करना चाहते हैं और बोपन्ना एक शानदार मेंटर हैं। अगर बालाजी कोई गलती भी करते हैं या अगर वह अभ्यास में अच्छा प्रदर्शन नहीं करते हैं तो भी बोपन्ना उससे ज्यादा कुछ नहीं कहेंगे। अगर वह नाराज भी होते हैं तो भी वह जाहिर नहीं करेंगे। वह बालाजी को प्रोत्साहित करते रहेंगे और उसका मार्गदर्शन करते रहेंगे। यह एक शानदार नेतृत्वकर्ता की निशानी है।