पहलवान योगेश्वर दत्त को लंदन ओलंपिक का गोल्ड मेडल मिलने की लगाई जा रही उम्मीद अब पूरी तरह से खत्म हो गई है। 2012 में हुए ओलंपिक गेम्स में कांस्य पदक जीतने वाले योगेश्वर को पिछले महीने पदक अपग्रेड कर रजत पदक कर दिया गया था।
लेकिन इसके बाद मीडिया में ऐसी खबरें आईं कि स्वर्ण पदक विजेता भी डोप में फेल हो गए हैं जिस कारण भारतीय पहलवान को गोल्ड मेडल मिल सकता है।
योगेश्वर और अमेरिकी पहलवान स्कॉट कोलमैन में से किसे लंदन ओलंपिक के 60 किलो भार वर्ग का स्वर्ण मिलेगा, पर छिड़ी चर्चा जैसे ही युनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्लूडब्लू) के कानों में पड़ी। उसकी ओर से तत्काल इस बारे में ट्वीट जारी कर दिया।
यूडब्लूडब्लू ने ट्वीट के जरिए जानकारी दी कि उनकी ओर से ऐसे समाचारों का खंडन किया जा रहा है जिसमें 2012 के लंदन ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट अजरबैजान के तोगरुल असगारोव को डोप पॉजिटिव बताया गया है। उन्होंने कभी यूडब्लूडब्लू की एंटी डोपिंग पॉलिसी का उल्लंघन नहीं किया है।
Contrary to news reports, 2012 Olympic gold medalist Togrul ASGAROV (AZE) has never been in violation of UWW's anti-doping policy.
— World Wrestling (@wrestling) September 6, 2016