मलिक ने अपने अभियान की शुरुआत एस्टोनिया के रोबिन उसपेंस्की के खिलाफ 6-0 की जीत के साथ की और फिर किर्गिस्तान के जेनिश हुमनाबेकोव को 18-9 से शिकस्त दी। मलिक के अलावा सिर्फ नरिंदर चीमा (97 किग्रा) ही दो मुकाबले जीत पाए।
रवि मलिक (82 किग्रा) को कांस्य पदक के प्लेऑफ मुकाबले में तकनीकी दक्षता के आधार पर सिर्फ 42 सेकंड में हार झेलनी पड़ी। इससे भारतीय ग्रीको रोमन दल जूनियर विश्व चैंपियनशिप से बिना पदक के वापस लौटेगा।
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जॉर्जिया के सबा मामालाजे के खिलाफ उतरे मलिक ने शुरुआती मूव बनाया लेकिन विरोधी पहलवान ने पलटवार करके अंक जुटाए। सबा ने इसके बाद चार अंक जुटाकर मुकाबला लगभग अपनी झोली में डाल लिया। मलिक एकमात्र भारतीय ग्रीको रोमन पहलवान थे जिन्होंने पदक दौर में जगह बनाई थी।
मलिक ने अपने अभियान की शुरुआत एस्टोनिया के रोबिन उसपेंस्की के खिलाफ 6-0 की जीत के साथ की और फिर किर्गिस्तान के जेनिश हुमनाबेकोव को 18-9 से शिकस्त दी। मलिक के अलावा सिर्फ नरिंदर चीमा (97 किग्रा) ही दो मुकाबले जीत पाए।