विश्व महिला बॉक्सिंग चैंपियनशिप में एशियाई देशों ने अपना दबदबा बनाया है। सेमीफाइनल में सर्वाधिक पांच चीन के और उसके बाद मेजबान भारत के चार बॉक्सरों ने पहुंचने में सफलता हासिल की है। पिछली वल्र्ड चैंपियनशिप में 16 एशियाई देशों के बॉक्सरों ने पदक जीते थे और इस बार यह आंकड़ा 21 तक पहुंच गया है।
गुरुवार को होने वाले 10 सेमीफाइनल मुकाबलों में आकर्षण का केंद्र विश्व चैंपियनशिप के इतिहास में सातवें पदक पर निशाना लगाने वाली एमसी मैरी कॉम और पहली विश्व चैंपियनशिप में ही पदक पक्का करने वाली असम की लोवलीना होंगी। मैरी कॉम 48 किलो भार वर्ग में उत्तर कोरिया की किम ह्यांग मी से भिड़ेंगी। खास बात यह है कि मैरी इस बॉक्सर को बीते वर्ष एशियाई चैंपियनशिप में परास्त कर चुकी हैं।
मैरी और लोवलीना दोनों ही कह चुकी हैं कि उनकी कोशिश इस चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने की होगी। मैरी अब तक इस चैंपियनशिप में पांच गोल्ड और एक रजत जीत चुकी हैं। उनके निशाने पर छठा गोल्ड है। 35 की उम्र में बेहतरीन फिटनेस के साथ खेल रही हैं। किम के खिलाफ अच्छे प्रदर्शन को लेकर आश्वस्त हैं, लेकिन वह अतिआत्मविश्वास में नहीं हैं। वह कोचेज के साथ रणनीति बनाकर रिंग में उतरेंगी और उसी के अनुसार प्रदर्शन करेंगी। वहीं लोवलीना 69 किलो भार वर्ग में चीनी ताईपे की चेन निएन चिन से खेलेंगी। लोवलीना बेहतरीन फार्म में हैं। टीम मैनेजमेंट को उनके फाइनल में पहुंचने की संभावनाएं बेहद प्रबल दिख रही हैं।
विश्व विजयी गोल स्कोरर को ईनाम देने आगे आया हॉकी प्रेमीअमर उजाला ब्यूरोनई दिल्ली, 21 नवंबर। ओडिशा सरकार हॉकी विश्व कप के उद्घाटन समारोह के दौरान 1975 की विश्व विजेता टीम को सम्मानित करने जा रही है। सरकार का यह कदम देख जयपुर के हॉकी प्रेमी रघुनंदन सिंह ने इस विश्व कप के फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ गोल करने वाले सुरजीत सिंह के परिवार और अशोक कुमार को पुरस्कृत करने का फैसला किया है।
किरौली में ग्रामीण बैंक में मैनेजर रघुनंदन ने इसकी घोषणा ट्वीट कर हॉकी इंडिया और ओडिशा सरकार को दी है। उन्होंने अनुमति मांगी है कि टीम के सम्मान समारोह के दौरान उन्हें महज स्टेडियम में प्रवेश करा दिया जाए। वह अपने हाथों से अशोक कुमार और सुरजीत सिंह के परिवार को एक-एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि देना चाहते हैं. लेकिन अब तक उन्हें कोई जवाब नहीं मिला है। रघुनंदन का कहना है कि अगर उन्हें भुवनेश्वर जाने का मौका नहीं मिलता है तो वह झांसी में ध्यानचंद के जन्म दिवस पर यह पुरस्कार राशि देंगे।