फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खाली हाथ लौटने पर कैसे करते हैं लोगों का सामना, ये सिर्फ हम ही जानते हैं: साक्षी मलिक

Thu, 09 Aug 2018 03:25 PM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
साक्षी मलिक - फोटो : Getty
विज्ञापन

ओलंपिक पदकधारी साक्षी मलिक एशियाई खेलों से पहले टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन नहीं कर पा रही हैं जिससे उनकी फॉर्म सभी के लिए चिंता बनी हुई है और वह भी इस बात से वाकिफ हैं। लेकिन उनका कहना है कि खिलाड़ी हमेशा पदक को लक्ष्य बनाये रहते हैं ताकि उनके ऊपर ऊंगली नहीं उठे। हरियाणा की इस 25 वर्षीय पहलवान को अप्रैल में राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा था और हाल में वह इस्तांबुल में यासार दोगु अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में पदक दौर में पहुंचने से पहले ही बाहर हो गईं।

विज्ञापन


उन्हें तीन अन्य पहलवानों (विनेश फोगाट, सुशील कुमार और बजरंग पूनिया) के साथ एशियाई खेलों के लिए ट्रायल्स में भाग नहीं लेने की छूट भी दी गयी लेकिन हाल में भारतीय कुश्ती महासंघ के अधिकारियों ने मीडिया से कहा कि सुशील और साक्षी दोनों का फॉर्म में नहीं होना उनके लिए चिंता का विषय है। 

साक्षी ने लखनऊ में ट्रेनिंग सत्र के बाद बात करते हुए कहा, 'हम जब भी मैट पर उतरते हैं तब हम पदक जीतना चाहते हैं। पदक के बिना लौटने पर लोगों का सामना कैसे करते हैं, यह केवल हम ही जानते हैं। जब लोग सवाल पूछते हैं तो इनका जवाब देना काफी मुश्किल हो जाता है।'

विज्ञापन
विज्ञापन

साक्षी मलिक को मिलेगा पद्मश्री पुरस्कार
उन्होंने कहा, 'हम भी अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं ताकि कोई भी हम पर अंगुली नहीं उठा सके और हम ऐसे सवालों का सामना नहीं करें जिनका हमारे पास कोई जवाब नहीं हो। 'साक्षी ने भी स्वीकार किया कि हाल के नतीजे उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहे हैं लेकिन उन्होंने कहा कि ऐसा प्रयासों की कमी के कारण नहीं है।

साक्षी ने कहा, 'रियो ओलंपिक के बाद, मैंने कई चैम्पियनशिप में अच्छा प्रदर्शन किया। एथलीट की जिंदगी में हमेशा उतार चढ़ाव होते रहते हैं, लेकिन हम हमेशा अपना शत प्रतिशत देने और देश को गौरवान्वित करने का मौका हासिल करने की कोशिश करते हैं।' वह जकार्ता में 62 किग्रा वर्ग में भाग लेंगी, उन्होंने भी स्वीकार किया कि उन्हें खेलों से पहले मानसिक रूप से मजबूत होने की जरूरत है। 

उन्होंने कहा, 'मुझे मानसिक रूप से मजबूत होने और बेहतर होने की जरूरत हे। जेएसडब्ल्यू ने मुझे खेल मनोचिकित्सक की मदद लेने में सहायता की। मुझे ध्यान लगाने और सकारात्मक सोच की सलाह दी गयी। अब मैं ध्यान लगाती हूं और कभी कभार सोने से पहले अपने प्रदर्शन का आकलन भी करती हूं कि मैं हार क्यों रहीं हूं।'
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें