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पहलवानों से लगातार चौथे ओलंपिक में पदक की आस, हॉकी के बाद इस खेल का दबदबा

Tue, 13 Jul 2021 08:54 PM IST
Rajeev Rai अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

  • हॉकी के बाद ओलंपिक में देश को सर्वाधिक पांच पदक दिलाए हैं इस खेल ने 
  • विश्व नंबर एक विनेश, विश्व नंबर दो बजरंग, दीपक और विश्व नंबर तीन रवि कुमार हैं पदक के बड़े दावेदार
  • युवा अंशु, सोनम का जोश और ताकत करेगा अनुभव की भरपाई
  • 2008 में एक 2012 में दो और 2016 में एक पदक कुश्ती ने कराया नाम
  • केडी जाधव ने 1952 में देश को दिलाया था ओलंपिक में पहला व्यक्तिगत पदक
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कुश्ती चैंपियनशिप - फोटो : sportstar
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विस्तार
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ओलंपिक में हॉकी के बाद देश का सबसे सफलतम खेल कुश्ती है। पहलवान अब तक देश को पांच ओलंपिक पदक दिला चुके हैं। 2008 के बीजिंग ओलंपिक से यह सिलसिला लगातार चलता आ रहा है। इस बार भी भारतीय पहलवान टोक्यो में पदक के बड़े दावेदार हैं ऐसा और कोई नहीं बल्कि पहलवानों की विश्व रैंकिंग बताती है। 53 किलो में विनेश विश्व की नंबर एक पहलवान हैं तो बजरंग 65 किलो में, दीपक पूनिया 86 किलो में नंबर दो की पदवी पर हैं वहीं 57 किलो में रवि कुमार नंबर तीन के स्थान पर हैं। इन चारों के अलावा सोनम मलिक (62), अंशु मलिक (57), सीमा बिसला (50) के पास ओलंपिक का अनुभव तो नहीं है लेकिर वे इसकी भरपाई अपने जोश और ताकत से करेंगी।

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पदक के दावेदार हैं भारतीय पहलवान

टोक्यो ओलंपिक के लिए कुल सात पहलवानों ने क्वालिफाई किया है। पुरुष पहलवान इस वक्त रूस में तैयारियां कर रहे हैं। जहां दुनिया के अन्य नामी गिरामी पहलवान तैयारियों में जुटे हैं। विनेश हंगरी में हैं तो सोनम, सीमा और अंशु भारत में ही अपने अखाड़ों में तैयारियां कर रही हैं। विनेश को इस बार स्वर्ण पदक का दावेदार बताया जा रहा है। रियो ओलंपिक में वह दुर्भाग्यशाली रही थीं जो पदक नहीं जीत पाईं। चीनी पहलवान ने उनका घुटना तोड़ दिया था। विनेश हर हाल में उस कड़वी याद तो टोक्यो में पदक के जरिए खत्म करना चाहती हैं। टॉप सीड होने के नाते विनेश की टक्कर जापानी मायो मुकेदा से शुरूआती दौर में नहीं पड़ेगी। यही कारण है कि उन्हें इस बार पदक का बड़ा दावेदार बताया जा रहा है। मुकेदा से विनेश कई मुकाबलों पार नहीं पा सकी हैं। बजरंग को भी जापानी पहलवान आटोगुरो से पदक का मुकाबला करना पड़ सकता है। आटोगुरो से बजरंग पहले नहीं टकराए तो उनका भी पदक पक्का माना जा रहा है। रवि से काफी उम्मीदे हैं। वह किसी को भी हराने की क्षमता रखते हैं।
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चोट से उबरी हैं सोनम,सीमा

सोनम और अंशु के पास अनुभव की भले कमी हो, लेकिन दोनों को कमतर नहीं आंका जा सकता है। सोनम रियो ओलंपिक की पदक विजेता साक्षी मलिक को कई बार पटखनी दे चुकी हैं। ओलंपिक क्वालिफायर में वह बुरी तरह चोटिल हो गई थीं। जिसके चलते वह देश से बाहर तैयारियों के लिए नहीं गईं। सीमा भी चोट के चलते यहीं रहीं।
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