एशियाई जिम्नास्टिक्स संघ की तकनीकी समिति के सदस्य के रूप में 2018 में नियुक्त किए गए काबरा ने कहा, 'ओलंपिक तक पहुंचने में कम से कम 12 साल लगते हैं और मैं इसे अपने करियर के 12वें साल में पहुंचने पर खुद को भाग्यशाली मानता हूं।' टोक्यो में भारतीय जिम्नास्टिक का प्रतिनिधित्व प्रणति नायक करेंगी, जिन्होंने 2019 एशियाई कलात्मक जिमनास्टिक में कांस्य पदक जीता था। दीपा करमाकर देश की सबसे लोकप्रिय जिमनास्ट रही है, रियो खेलों में महिलाओं के वॉल्ट फाइनल में चौथे स्थान पर रही थी।
उन्होंने कहा, 'मैने 2000 में 12 वर्ष की उम्र में खेलना शुरू किया। मैं सूरत में रहता था और उस समय सुविधाएं अच्छी नहीं थी। मैने राष्ट्रीय स्तर पर खेला लेकिन मैं समझ गया था कि बतौर खिलाड़ी मेरा भविष्य नहीं है क्योंकि मेरे बेसिक्स उतने मजबूत नहीं थे। मुझे जजिंग का जुनून था और अपने कोच कौशिक बेदीवाला से प्रेरणा लेकर मैं जज बन गया।'