इस महिला बॉक्सर ने आगे कहा, मैं मुक्केबाज मुहम्मद अली के नक्शे कदम पर चलती हूं और उन्हीं के फुटवर्क और लंबे पंच का अनुसरण करती हूं। मुक्केबाजी में कदम रखने के बाद मैंने केवल मैरीकॉम का ही नाम सुना है। उन्होंने बहुत संघर्ष किया है और मैं उनसे प्रेरणा लेती हूं। लवलीना ने आगे कहा, यहां केवल एक ही पदक है, वह है गोल्ड और मेरा लक्ष्य भी यही है। मैं फिलहाल सेमीफाइनल की तैयारी कर रही हूं। मैं अभी आपको धन्यवाद नहीं कह सकती। फाइनल के बाद मैं इसे आप सबसे यह कहूंगी।'
भारतीय मुक्केबाजी संघ द्वारा आयोजित एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में लवलीना ने कहा, 'मैं पहले अपने प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ चार बार हार चुकी थी, मैं खुद को साबित करना चाहती थी और मुझे इसे खुद को साबित करने की दरकार थी। मैं उसके खिलाफ चार बार हारने का बदला लेना चाहती थी। मेरे पास कोई निर्धारित रणनीति नहीं थी। मैं अपनी क्षमता के मुताबिक खेली और मैं बहुत खुश हूं।'
वहीं, भारतीय मुक्केबाजी महासंघ के अध्यक्ष अजय सिंह ने लवलीना की परेशानियों का जिक्र करते हुए कहा कि वे इस क्षण का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कहा, 'हम इस खबर को सुनने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। यह सिर्फ मुक्केबाजी के लिए ही नहीं बल्कि असम और पूरे देश के लिये गौरव का क्षण है। लवलीना का यह बहुत ही साहसिक प्रयास है, निश्चित रूप से।' उन्होंने कहा, 'वह पिछले साल कोरोना से संक्रमित हो गई थी और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसकी मां भी किडनी की बीमारी से जूझ रही थी। लेकिन वह जन्म से ही 'फाइटर' है। भारतीय मुक्केबाजी के लिए यह गौरव का क्षण है। जिस तरह से इस युवा लड़की ने खुद को साबित किया है, उससे हम सभी गर्व महसूस कर रहे हैं।
खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने ट्वीट कर कहा, 'लवलीना सेमीफाइनल में पहुंच गईं। शानदार लवलीना बोरगोहेन। सुबह उठते ही भारत के लिए कितनी शानदार खबर। हम आपको रिंग में देखने के लिए टीवी देखते रहे।'
पूर्व खेल मंत्री किरेन रीजीजू ने भी बधाई दी। उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'भारत ने अपना दूसरा ओलंपिक पदक पक्का किया। लवलीना ने कितनी शानदार मुक्केबाजी की। वह सेमीफाइनल में पहुंच गईं और टोक्यो 2020 ओलंपिक में स्वर्ण पदक की कोशिश करेगी।'
असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिश्व सर्मा ने लवलीना को बधाई देते हुए कहा, 'यह बड़ा पंच है। लवलीना बोरगोहेन हमें गौरवान्वित करना जारी रखो और टोक्यो ओलंपिक में भारत का झंडा ऊंचा और चमकदार रखो। बहुत बढ़िया।'
लवलीना की जीत के बाद असम में जश्न का माहौल बन गया। लवलीना के पिता टिकेन बोरगोहेन ने भरोसा जताया कि उनकी बेटी निश्चित रूप से दो और जीत दर्ज कर इस कांस्य पदक को स्वर्ण पदक में तब्दील करेगी। उन्होंने कहा, 'उसका सपना आखिरकार सच हो रहा है।' टिकेन बोरगोहेन ने कहा, 'वह सेमीफाइनल में जीतकर फाइनल में पहुंचेगी, मुझे पूरा भरोसा है। हमने सुबह उससे बात की थी और मुकाबले से पहले उसे आशीर्वाद दिया था।'