मेरठ के कैलाश प्रकाश स्टेडियम में तीरंदाजी खेल को तीन साल बाद कोच मिलने पर खिलाड़ियों को राहत मिली है। तीन साल से तीरंदाजी करने वाले युवा खिलाड़ियों को खुद ही अभ्यास करना पड़ रहा था। यही कारण रहा तीरंदाजी में जिले के खिलाड़ी कुछ खास नहीं कर पाये। तीरंदाजी में युवाओं की रुचि कम है। लेकिन प्रतिदिन 30 से ज्यादा खिलाड़ी अभ्यास के लिये स्टेडियम आते हैं।
तीरंदाज दानिश चौहान ने बताया कोच पूजा प्रतिदिन खिलाड़ियों को टिप्स दे रही हैं। उनके आने के बाद तीरंदाजी से संबंधित सामान मिलने लगा है। जबकि कोच के आने से पहले उन्हें अभ्यास करने में खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। कोच आने से तीरंदाजी के खिलाड़ियों में खुशी है।
खास बात है तीरंदाजी खिलाड़ी फलावदा निवासी सागर, मिलटन, रजपुरा निवासी अमित, मेरठ निवासी हिमांशु तीर खुद बनाते हैं। जिसके लिये उनको अलग अलग सामान खरीदकर तीर तैयार करना पड़ता है। लेकिन कोच के बिना अभी तक अभ्यास पुरी तरह बेकार ही हो जाता था। खिलाड़ियों की लगातार मांग के बाद खेल विभाग ने कोच की तैनाती कर दी है।
सागर ने कहा जिला स्तरीय खेलों में अधिकतर खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे। लेकिन तीरंदाजी को इससे आगे ले जाने के लिये कोच की अधिक आवश्यक थी। खिलाड़ियों में कोच आने के बाद आत्मविश्वास बढ़ा है। जिससे खिलाड़ी शूटिंग की तरह तीरंदाजी में पदक लाने को खुद को मजबूत करेंगे।
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