भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी अश्विनी पोनप्पा ने संन्यास की घोषणा कर दी। उन्होंने बताया कि यह उनका आखिरी ओलंपिक था। मंगलवार को पेरिस ओलंपिक की महिला युगल स्पर्धा में उन्हें और उनकी जोड़ीदार तनिषा क्रास्तो को लगातार तीसरी बार हार का सामना करना पड़ा। अश्विनी और तनिषा ग्रुप सी के अपने अंतिम मैच में ऑस्ट्रेलिया की सेतियाना मापासा और एंजेला यू से 15-21, 10-21 से हार गईं। अपने तीनों ग्रुप मैच हारकर उनका अभियान समाप्त हो गया।
अश्विनी पोनप्पा-तनिषा क्रास्तो
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अश्विनी ने 2001 में अपना पहला राष्ट्रीय खिताब जीता था और ज्वाला गुट्टा के साथ मिलकर एक शानदार और इतिहास रचने वाली महिला जोड़ी बनाई थी। ज्वाला गुट्टा 2017 तक खेली। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय पदक जीते थे, जिसमें 2010 दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक और उबेर कप (2014 और 2016) और एशियाई चैंपियनशिप (2014) में कांस्य पदक शामिल हैं।
अपने तीसरे ओलंपिक में खेल रही 34 वर्षीय अश्विनी से जब पूछा गया कि क्या वह 2028 लॉस एंजिल्स खेलों में खेलना चाहती हैं, तो उन्होंने कहा, "यह मेरा आखिरी ओलंपिक होगा, लेकिन तनिषा को अभी लंबा सफर तय करना है। यह भावनात्मक और मानसिक रूप से बहुत भारी पड़ता है, मैं इसे फिर से नहीं झेल सकती। यह आसान नहीं है, अगर आप थोड़े छोटे हैं तो आप यह सब झेल सकते हैं। इतने लंबे समय तक खेलने के बाद, मैं इसे और नहीं झेल सकती।"