उन्होंने कहा, '2047 तक हमारा लक्ष्य खेलों में शीर्ष पांच देशों में शामिल होना है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कि हमें सुनिश्चित करना होगा कि हम 2047 का मौका नहीं चूकें। हमें विश्व स्तरीय खिलाड़ी तैयार करने होंगे।' खेल मंत्री ने कहा, 'ऐसी प्रतिभाओं को विकसित करने के लिए हमने खेलो इंडिया की शुरुआत की। खेलो इंडिया की मदद से युवा खिलाड़ियों को खेलने के अवसर मिलने चाहिए।'
हाल ही में संपन्न पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले निशानेबाज कुसाले इस कार्यक्रम में मौजूद थे। मांडविया ने कहा, 'हमें खेल प्रतिभाओं की पहचान करनी होगी और उन्हें आवश्यक सुविधाएं प्रदान करनी होंगी। आने वाले दिनों में ये प्रतिभायें स्वप्निल कुसाले जैसी खिलाड़ी बनेंगी। हमारा लक्ष्य 2036 ओलंपिक का आयोजन भारत में कराना है और हमारी योजना पदक तालिका में शीर्ष 10 में आने की है।'
भारत ने इस साल 117 खिलाड़ियों के दल को पेरिस भेजा था। यह संख्या बिल्कुल रियो ओलंपिक के बराबर की थी। हमने पदक जरूर रियो से ज्यादा जीते, लेकिन रैंक में काफी पिछड़ गए। भारत पेरिस में 71वें स्थान पर रहा। ओलंपिक में 24 साल बाद ऐसा हुआ जब भारत का रैंक 70 से नीचे पहुंचा हो। इस बार भारत ने कुल छह मेडल अपने नाम किए जिनमें पांच कांस्य और एक रजत पदक शामिल है। वहीं, टोक्यो ओलंपिक में भारत ने एक स्वर्ण के साथ सात पदक जीते थे।
पेरिस ओलंपिक के पदक विजेता
| खिलाड़ी |
पदक |
खेल |
| नीरज चोपड़ा |
रजत |
भाला फेंक |
| मनु भाकर |
कांस्य (2) (सरबजोत सिंह के साथ मिश्रित में कांस्य) |
निशानेबाजी |
| अमन सहरावत |
कांस्य |
कुश्ती |
| पुरुष हॉकी टीम |
कांस्य |
-- |
| स्वप्निल कुसाले |
कांस्य |
निशानेबाजी |