सुनील ने अपनी पोस्ट में लिखा, '14 साल से अधिक हो गया जब मैंने पहली बार भारतीय जर्सी पहनी थी। मैंने फैसला किया है कि मैं अगले हफ्ते से शुरू होने वाले राष्ट्रीय कैंप का हिस्सा नहीं रहूंगा। अगर मैं यह कहूं कि मैं इससे खुश हूं तो यह सभी से झूठ बोलना होगा।'
सुनील ने टोक्यो ओलंपिक टीम का हिस्सा नहीं रहने पर कहा, 'मैं हमेशा से चाहता था कि मैं अपनी टीम को ओलंपिक पोडियम में पहुंचाने में मदद करूं। लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। लेकिन मेरे साथियों द्वारा कांस्य जीतना एक खास अहसास है।'
अर्जुन अवार्डी सुनील ने कहा, 'पेरिस ओलंपिक 2024 में सिर्फ तीन साल बाकी हैं ऐसे में एक सीनियर के तौर पर मेरे लिए जरुरी है कि मैं युवाओं को रास्ता दूं और भविष्य के लिए एक विजेता टीम बनाने में भूमिका निभाऊं।
बता दें कि इससे एक दिन पहले यानी गुरुवार को टोक्यो ओलंपिक का हिस्सा रहे दो सीनियर खिलाड़ी रुपिंदर पाल सिंह और बीरेंद्र लाकड़ा ने भी अंतरराष्ट्रीय हॉकी को अलविदा कह दिया।