दोनों टीमों ने 16 मैच खेले हैं जिसमें से भारत ने नौ और श्रीलंका ने तीन जीते, जबकि चार ड्रॉ रहे हैं। वहीं भारत 18 साल से अजेय है टीम है। इस दौरान उसने श्रीलंका से चार मैच जीते एक ड्रॉ रहा।
बांग्लादेश की दस खिलाड़ियों की टीम से 1-1 से ड्रॉ खेलने के बाद भारतीय फुटबॉल टीम केआत्मविश्वास पर असर पड़ा होगा। टीम जल्द ही इससे उबरकर बृहस्पतिवार को श्रीलंका के खिलाफ सैफ चैंपियनशिप के दूसरे मैच में श्रीलंका पर जीत दर्ज करना चाहेगी।
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भारत को बांग्लादेश के खिलाफ पिछले मैच में निराशा हाथ लगी जिसके खिलाफ उसने ज्यादातर समय दबदबा बनाया हुआ था। कप्तान सुनील छेत्री की बदौलत बढ़त भी हासिल कर ली थी जिसे देखते हुए उसे जीत दर्ज करनी चाहिए थी। लेकिन ऐसा नहीं हो सका जिससे भारतीय टीम टूर्नामेंट की पहली जीत दर्ज करने के लिए बेताब होगी।
श्रीलंका के खिलाफ उसने रिकॉर्ड सात बार जीत हासिल की है। ‘ब्लू टाइगर्स’ के मुख्य कोच इगोर स्टिमक हाल में भारत के मैचों में जीत दर्ज करने में विफलता के कारण आलोचनाओं से घिरे हुए हैं और वह काफी दबाव में होंगे।
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दोनों मैच हारे हैं श्रीलंका ने
बांग्लादेश के खिलाफ निराशा के बावजूद भारत को निचली रैंकिंग की श्रीलंकाई टीम के खिलाफ जीत का भरोसा है जो अभी तक टूर्नामेंट में जूझती नजर आई है। उसने अभी तक दोनों मैच गंवाए हैं जिसमें उसने चार गोल खाए और दो गोल किए हैं।
पेले की बराबरी करना चाहेंगे छेत्री
छेत्री ने पिछले मैच में भारत को बढ़त दिला दी थी जिसके बाद बांग्लादेश के बिश्वनाथ घोष को दूसरे हाफ में रेड कार्ड दिखा दिया गया। यासिर अराफात ने बाद में अपनी टीम के लिए गोल कर मैच ड्रॉ कराने में अहम भूमिका निभाई।
यह भारतीय करिश्माई फुटबॉलर फिर गोल करके अपने गोल की संख्या बढ़ाना चाहेगा। छेत्री (76) अंतरराष्ट्रीय गोल के मामले में ब्राजील के सुपरस्टार पेले (77) की बराबरी से महज एक गोल पीछे हैं।
श्रीलंका के खिलाफ उनके लिए अपने चमकदार कॅरिअर में एक और उपलब्धि दर्ज करने का मौका होगा। लेकिन ऐसा करने के लिए उन्हें टीम से सहयोग की जरूरत होगी, तभी वह मैच में पूरे अंक दिला पाएंगे। बांग्लादेश के खिलाफ ड्रॉ की निराशा के बाद स्टिमक ने अपनी टीम को दोषी ठहराया था।