स्कूल में स्पोर्ट्स कप्तान और कॉलेज में क्रिकेट, फुटबॉल, एथलेटिक्स के माहिर खिलाड़ी होने के बावजूद चार फुट पांच इंच के कृष्णा नागर की कम लंबाई उनकी दुश्मन बन गई थी। कॉलेज में जब कृष्णा को लड़के-लड़कियां उनकी लंबाई को लेकर ताने मारने लगे तो उन्हें बुरा लगने लगा। उनके पिता सुनील नागर को इसका पता लगा तो उन्होंने कृष्णा से कहा तुम छोटे हो इसी लिए लोग तुम्हें छोटा बोल रहे हैं, इसमें दिल पर लेने वाली बात क्या है, लेकिन पिता दिमाग का बोझ हटाने केलिए उन्हें जयपुर के सवाई मान सिंह स्टेडियम में बैडमिंटन खिलाने ले गए। पिता ने कृष्णा से कहा अच्छा खेलोगो तो लोग सराहना करेंगे। इसी को कृष्णा ने ताकत बना बैडमिंटन को अपना लिया।