पहले जान लेते हैं क्या ही तीन हजार मीटर स्टीपलचेज
स्टीपलचेज एक चुनौतीपूर्ण ट्रैक-एंड-फिल्ड खेल है, जिसमें खिलाड़ियों को तरह-तरह की चुनौतियां दी जाती हैं। इस खेल में धावक को निश्चित बाधाएं और पानी की छलांग को पार करते हुए दौड़ पूरी करनी होती है। तीन हजार मीटर के दौरान कई लैप होते हैं और इस बीच हर्डल्स यानी बाधाएं और पानी के कैनन रखे होते हैं। खिलाड़ी इससे होकर आखिरी लैप तक पहुंचते हैं और आखिरी लैप में सिर्फ दौड़ लगानी होती है। खिलाड़ी शुरुआत में अपनी ऊर्जा बचाकर रखते हैं और आखिरी 100-200 मीटर स्प्रिंट के दौरान पूरी ऊर्जा लगा देते हैं।
पारुल ने हाल ही में बनाया था राष्ट्रीय रिकॉर्ड
पारुल ने हाल ही में बुडापेस्ट में खेले गए विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप की तीन हजार मीटर स्टीपलचेज के फाइनल में भी कमाल किया था। वह इस दौड़ में 11वें स्थान पर रही थीं, लेकिन उन्होंने राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया था। विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 9:15.31 के समय के साथ दौड़ पूरी की थी। साथ ही पेरिस ओलंपिक के लिए भी क्वालिफाई कर लिया था। पारुल ने तब ललिता बाबर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा था। ललिता ने रियो 2016 ओलंपिक में 9:19.76 के समय के साथ तीन हजार मीटर स्टीपलचेज की दौड़ पूरी की थी।
पारुल चौधरी की उपलब्धियां
स्टीपलचेज के अलावा पारुल के नाम महिलाओं की 3,000 मीटर की दौड़ में 8:57.19 के समय के साथ राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी है। उन्होंने साल 2022 में अमेरिका के लॉस एंजिल्स एथलेटिक्स मीट में यह उपलब्धि हासिल की थी। पारुल ने इस साल वॉलनट में आयोजित साउंड रनिंग ऑन ट्रैक फेस्ट में 15:10.35 का समय लेकर महिलाओं की 5,000 मीटर में राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। वह मौजूदा समय में भारत की सर्वश्रेष्ठ धाविका में से एक हैं।
पारुल 1500 मीटर दौड़ में भी हिस्सा लेती हैं और उनका पर्सनल बेस्ट 4:18.80 का समय है। पारुल एशियाई खेलों में रजत के अलावा इस साल बैंकॉक में आयोजित एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था। वहीं, इसी प्रतियोगिता में 5000 मीटर दौड़ में रजत पदक जीता था। 2019 में दोहा में आयोजित एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 5000 मीटर दौड़ में उन्होंने कांस्य पदक जीता था।