फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Asian Games: रजत जीतने वाली मेरठ की पारुल चौधरी के नाम 3000 मी. स्टीपलचेज का राष्ट्रीय रिकॉर्ड, पिता हैं किसान

Mon, 02 Oct 2023 06:22 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, हांगझोऊ

सार

फाइनल में बहरीन की यावी विनफ्रेड मुतिले ने 9:18:28 के समय के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। पारुल 9:27:63 के समय के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। पारुल के नाम इस स्पर्धा का राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी है।
विज्ञापन
पारुल चौधरी - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हांगझोऊ एशियाई खेलों में ट्रैक एंड फील्ड में भारतीय एथलीट्स कमाल दिखा रहे हैं। सोमवार को महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज में पारुल चौधरी और प्रीति ने कमाल कर दिया। पारुल ने जहां रजत पदक जीता, जबकि प्रीति ने कांस्य पदक अपने नाम किया। उत्तर प्रदेश के मेरठ की रहने वाली पारुल के नाम तीन हजार मीटर स्टीपलचेज का राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी है। इतना ही नहीं वह तीन हजार मीटर दौड़ में भी राष्ट्रीय रिकॉर्ड बना चुकी हैं।
विज्ञापन

पहले जान लेते हैं क्या ही तीन हजार मीटर स्टीपलचेज
स्टीपलचेज एक चुनौतीपूर्ण ट्रैक-एंड-फिल्ड खेल है, जिसमें खिलाड़ियों को तरह-तरह की चुनौतियां दी जाती हैं। इस खेल में धावक को निश्चित बाधाएं और पानी की छलांग को पार करते हुए दौड़ पूरी करनी होती है। तीन हजार मीटर के दौरान कई लैप होते हैं और इस बीच हर्डल्स यानी बाधाएं और पानी के कैनन रखे होते हैं। खिलाड़ी इससे होकर आखिरी लैप तक पहुंचते हैं और आखिरी लैप में सिर्फ दौड़ लगानी होती है। खिलाड़ी शुरुआत में अपनी ऊर्जा बचाकर रखते हैं और आखिरी 100-200 मीटर स्प्रिंट के दौरान पूरी ऊर्जा लगा देते हैं।

हांगझोऊ एशियाड के 3000 मीटर स्टीपलचेज के फाइनल में क्या हुआ?
फाइनल में बहरीन की यावी विनफ्रेड मुतिले ने 9:18:28 के समय के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। पारुल 9:27:63 के समय के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। वहीं, प्रीति और बहरीन की मेकोनेन के बीच कड़ी टक्कर थी। हालांकि, अंतिम क्षणों में प्रीति ने गजब की दौड़ लगाई और तीसरे स्थान पर पहुंचने में कामयाब रहीं। उन्होंने 9:43:32 का समय लिया और तीसरे स्थान पर रहीं।

पारुल ने हाल ही में बनाया था राष्ट्रीय रिकॉर्ड
पारुल ने हाल ही में बुडापेस्ट में खेले गए विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप की तीन हजार मीटर स्टीपलचेज के फाइनल में भी कमाल किया था। वह इस दौड़ में 11वें स्थान पर रही थीं, लेकिन उन्होंने राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया था। विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 9:15.31 के समय के साथ दौड़ पूरी की थी। साथ ही पेरिस ओलंपिक के लिए भी क्वालिफाई कर लिया था। पारुल ने तब ललिता बाबर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा था। ललिता ने रियो 2016 ओलंपिक में 9:19.76 के समय के साथ तीन हजार मीटर स्टीपलचेज की दौड़ पूरी की थी।

पारुल के पिता हैं किसान 
पारुल का जन्म 15 अप्रैल, 1995 को हुआ था। वह उत्तर प्रदेश के मेरठ जिला की रहने वाली हैं। उनके पिता किशनपाल सिंह जिले के दौराला क्षेत्र के इकलौता गांव में किसान हैं। पारुल के चार भाई बहन हैं और वह अपने भाई बहनों में तीसरे नंबर पर हैं। उनकी माता राजेश देवी गृहणी हैं। पारुल की बड़ी बहन भी स्पोर्ट्स कोटे से सरकारी नौकरी पर हैं और पारुल का एक भाई उत्तर प्रदेश पुलिस में है।
विज्ञापन

पारुल चौधरी की उपलब्धियां
स्टीपलचेज के अलावा पारुल के नाम महिलाओं की 3,000 मीटर की दौड़ में 8:57.19 के समय के साथ राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी है। उन्होंने साल 2022 में अमेरिका के लॉस एंजिल्स एथलेटिक्स मीट में यह उपलब्धि हासिल की थी। पारुल ने इस साल वॉलनट में आयोजित साउंड रनिंग ऑन ट्रैक फेस्ट में 15:10.35 का समय लेकर महिलाओं की 5,000 मीटर में राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। वह मौजूदा समय में भारत की सर्वश्रेष्ठ धाविका में से एक हैं।



पारुल 1500 मीटर दौड़ में भी हिस्सा लेती हैं और उनका पर्सनल बेस्ट 4:18.80 का समय है। पारुल एशियाई खेलों में रजत के अलावा इस साल बैंकॉक में आयोजित एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था। वहीं, इसी प्रतियोगिता में 5000 मीटर दौड़ में रजत पदक जीता था। 2019 में दोहा में आयोजित एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 5000 मीटर दौड़ में उन्होंने कांस्य पदक जीता था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें