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Chaitra Navratri: क्या चैत्र नवरात्रि पर रहेगा ग्रहण का साया ? जानें ग्रहण और नवरात्रि से जुड़ी खास बातें

Wed, 03 Apr 2024 07:14 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

साल का पहला सूर्य ग्रहण चैत्र अमावस्या पर लग रहा है और फिर इसके अगले दिन चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से चैत्र नवरात्रि शुरू हो जाएगी।
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09 अप्रैल से चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि शुरू हो जाएगी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Chaitra Navratri 2024: वैदिक ज्योतिष शास्त्र की गणना के मुताबिक 15 दिन के अंतराल पर सूर्य और चंद्र ग्रहण दोनों ही खगोलीय घटनाएं घटित होती है। चंद्र ग्रहण हमेशा पूर्णिमा तिथि पर लगता है जबकि सूर्य ग्रहण अमावस्या तिथि को ही पड़ता है। 08 अप्रैल 2024 को चैत्र माह की अमावस्या तिथि है और इसी दिन ही साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। आपको बता दें इससे पहले साल का पहला चंद्र ग्रहण फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि को यानी 25 मार्च को लगा था। शास्त्रों में ग्रहण की घटना को शुभ नहीं माना जाता है। 

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चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ और साल का पहला सूर्य ग्रहण
- इस साल चैत्र नवरात्रि के शुरू होने से पहले ही साल का पहला सूर्य ग्रहण चैत्र माह की अमावस्या की तिथि पर लगने जा रहा है। ऐसे में आप सभी के मन में यह सवाल जरूर उठ रहा होगा कि क्या सूर्य ग्रहण का साया, नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना पर तो नहीं होगा। साल का पहला सूर्य ग्रहण चैत्र अमावस्या पर लग रहा है और फिर इसके अगले दिन चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से चैत्र नवरात्रि शुरू हो जाएगी। इस तिथि से हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2081 की शुरूआत भी होगी। आइए जानते हैं इस सूर्य ग्रहण का चैत्र नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना पर इसका प्रभाव रहेगा या नहीं। 

- 8 अप्रैल को साल का पहला सूर्य ग्रहण लगेगा। यह ग्रहण भारतीय समय के अनुसार 08 अप्रैल की रात को लगेगा। 08 अप्रैल को रात 09 बजकर 12 मिनट से सूर्य ग्रहण शुरू हो जाएगा जो मध्य रात्रि 01 बजकर 25 मिनट पर खत्म हो जाएगा। इस तरह सूर्य ग्रहण की कुल अवधि 4 घंटे और 25 मिनट तक रहेगा। फिर इसके अगले दिन यानी 09 अप्रैल से चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि शुरू हो जाएगी। इसी के साथ कलश स्थापना और पूजा आराधना के साथ 9 दिनों तक मां दुर्गा की उपासना होगी।

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- साल का यह पहला सूर्य ग्रहण पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, लेकिन यह ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। ऐसे में इस ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा। ग्रहण का सूतक काल भारत में मान्य नहीं होने के कारण किसी भी तरह पूजा-पाठ और शुभ कार्य में कोई पाबंदी नहीं होगी। जब भी सूर्य ग्रहण लगता है तो उसके 12 घंटे पहले सूतक काल प्रभावी हो जाता है और ग्रहण की खत्म होने के साथ ही सूतक भी समाप्त हो जाता है। 

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- भारत में यह ग्रहण नहीं दिखाई देगा इस कारण सूतक काल नहीं रहेगा। वहीं जिन देशों में यह ग्रहण लगेगा वहां 08 अप्रैल को ग्रहण के शुरू होने से 12 घंटे पहले सूतक लगेगा। इस तरह से भारत में ग्रहण का कोई प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में 08 अप्रैल को चैत्र अमावस्या की पूजा और फिर अगले दिन यानी 09 अप्रैल को सुबह कलश स्थापना करके चैत्र नवरात्रि की विधिवत शुरुआत होगी।

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चैत्र नवरात्रि तिथि और कलश स्थापना शुभ मुहूर्त 2024
हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से चैत्र नवरात्रि शुरू हो जाते हैं फिर लगातार 9 दिनों तक मां दुर्गा की पूजा और साधना की विधि-विधान के साथ की जाती है। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 8 अप्रैल को रात 11 बजकर 55 मिनट से शुरू हो जाएगी जिसका समापन 09 अप्रैल की रात को 9 बजकर 43 मिनट पर होगी। उदया तिथि के आधार पर चैत्र नवरात्रि 9 अप्रैल को शुरू होगी। 09 अप्रैल को सुबह से कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त व्याप्त रहेगा। वहीं इस दिन अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 33 मिनट से 12 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। 

घोड़े पर सवार होकर आ रही हैं मां दुर्गा
देवी भागवत पुराण के अनुसार नवरात्रि में मां दुर्गा के आगमन और प्रस्थान के दौरान वाहन का विशेष महत्व होता है। इस बार नवरात्रि की शुरुआत मंगलवार से हो रही है और जब नवरात्रि की शुरुआत मंगलवार से होती है तो माता का वाहन घोड़ा होता है। 

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