Chaitra Navratri 2024: वैदिक ज्योतिष शास्त्र की गणना के मुताबिक 15 दिन के अंतराल पर सूर्य और चंद्र ग्रहण दोनों ही खगोलीय घटनाएं घटित होती है। चंद्र ग्रहण हमेशा पूर्णिमा तिथि पर लगता है जबकि सूर्य ग्रहण अमावस्या तिथि को ही पड़ता है। 08 अप्रैल 2024 को चैत्र माह की अमावस्या तिथि है और इसी दिन ही साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। आपको बता दें इससे पहले साल का पहला चंद्र ग्रहण फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि को यानी 25 मार्च को लगा था। शास्त्रों में ग्रहण की घटना को शुभ नहीं माना जाता है।
- साल का यह पहला सूर्य ग्रहण पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, लेकिन यह ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। ऐसे में इस ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा। ग्रहण का सूतक काल भारत में मान्य नहीं होने के कारण किसी भी तरह पूजा-पाठ और शुभ कार्य में कोई पाबंदी नहीं होगी। जब भी सूर्य ग्रहण लगता है तो उसके 12 घंटे पहले सूतक काल प्रभावी हो जाता है और ग्रहण की खत्म होने के साथ ही सूतक भी समाप्त हो जाता है।
चैत्र नवरात्रि तिथि और कलश स्थापना शुभ मुहूर्त 2024
हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से चैत्र नवरात्रि शुरू हो जाते हैं फिर लगातार 9 दिनों तक मां दुर्गा की पूजा और साधना की विधि-विधान के साथ की जाती है। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 8 अप्रैल को रात 11 बजकर 55 मिनट से शुरू हो जाएगी जिसका समापन 09 अप्रैल की रात को 9 बजकर 43 मिनट पर होगी। उदया तिथि के आधार पर चैत्र नवरात्रि 9 अप्रैल को शुरू होगी। 09 अप्रैल को सुबह से कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त व्याप्त रहेगा। वहीं इस दिन अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 33 मिनट से 12 बजकर 24 मिनट तक रहेगा।
घोड़े पर सवार होकर आ रही हैं मां दुर्गा
देवी भागवत पुराण के अनुसार नवरात्रि में मां दुर्गा के आगमन और प्रस्थान के दौरान वाहन का विशेष महत्व होता है। इस बार नवरात्रि की शुरुआत मंगलवार से हो रही है और जब नवरात्रि की शुरुआत मंगलवार से होती है तो माता का वाहन घोड़ा होता है।